Bihar Elections: NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए अपना संयुक्त घोषणापत्र शुक्रवार, 31 अक्टूबर को जारी करेगा. इस कार्यक्रम में गठबंधन के सभी वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की उम्मीद है. 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा. इसके अलावा, सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आठ सीटों पर उपचुनाव भी 11 नवंबर को होंगे. बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनाव दोनों के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.
NDA और RJD के महागठबंधन में मुकाबला
NDA में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल (यूनाइटेड) (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं.
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI-ML), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) शामिल हैं.
महागठबंधन का ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’
NDA के घोषणापत्र से पहले, मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया, जिसे ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है. घोषणापत्र जारी करने के दौरान RJD नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव, उप-मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और VIP प्रमुख मुकेश सहनी, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और CPI(ML) के दीपांकर भट्टाचार्य मौजूद थे.
महागठबंधन ने सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर कानून पारित करने का वादा किया है, जिसके तहत राज्य के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी.
RJD की ओर से तेजस्वी प्रण के मुख्य वादे
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता: ‘माई-बहिन मान योजना’ के तहत, महिलाओं को अगले पांच वर्षों के लिए 1 दिसंबर से प्रति माह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी.
पुरानी पेंशन योजना (OPS): विपक्षी गठबंधन ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने का वादा किया है, जो कांग्रेस के चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल रहा है.
आरक्षण में वृद्धि: अति पिछड़ा वर्ग (Most Backward Classes) के लिए पंचायत और नगर निकायों में वर्तमान 20 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा. अनुसूचित जाति (SCs) के लिए यह सीमा 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जाएगी, और अनुसूचित जनजाति (STs) के लिए भी आनुपातिक वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी.
स्वास्थ्य बीमा और बिजली: घोषणापत्र के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को ‘जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ के तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. साथ ही, हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी.
किसानों को गारंटी: किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सभी फसलों की खरीद की गारंटी दी जाएगी, और मंडी एवं बाजार समिति (Market Committee) को पुनर्जीवित किया जाएगा. APMC अधिनियम को बहाल किया जाएगा और मंडियां मंडल, उपखंड और ब्लॉक स्तर पर खोली जाएंगी.
वक्फ प्रबंधन: वक्फ (संशोधन) अधिनियम को रोके जाने और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को “कल्याण-उन्मुख और पारदर्शी” बनाने का वादा किया गया है.
बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन: धार्मिक अल्पसंख्यकों के वादों को जोड़ते हुए, बोधगया में स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय के लोगों को सौंप दिया जाएगा.
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