Kerala Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने सबसे बड़े रणनीतिकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मैदान में उतार दिया है. आज कोझिकोद (कालीकट) की सड़कों पर होने वाला उनका मेगा रोड शो और जनसभाएं, राज्य की पारंपरिक राजनीति में एक बड़ा भूचाल लाने के लिए तैयार हैं.
कोझिकोद की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन
अमित शाह आज कोझिकोद के मुख्य मार्गों पर एक भव्य रोड शो का नेतृत्व करेंगे. इस शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा केरल में यूडीएफ और एलडीएफ के दशकों पुराने वर्चस्व को सीधी चुनौती देने जा रही है. रोड शो के तुरंत बाद शाह दो बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे, जिसमें भारी जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है.
‘मिशन 2026’ और आस्था का एजेंडा
गृह मंत्री इस दौरे के दौरान ‘विकसित केरल, सुरक्षित केरल और आस्था की रक्षा’ का अपना तीन-सूत्रीय एजेंडा पेश करेंगे. माना जा रहा है कि वे सबरीमाला मंदिर की स्वर्ण कलाकृतियों की चोरी जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर हिंदू मतदाताओं को गोलबंद करने का प्रयास करेंगे. आस्था के इस कार्ड से भाजपा तीसरे विकल्प के रूप में उभरना चाहती है.
बूथ स्तर पर जीत की रणनीति
केवल रैलियां ही नहीं, बल्कि शाह संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर देंगे. वे तिरुवनंतपुरम में नवनिर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के सम्मेलन में शिरकत करेंगे. यहाँ वे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ का मंत्र देंगे, ताकि राज्य के हर कोने में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके.
राजीव चंद्रशेखर के हाथों में कमान
अमित शाह इस दौरे में राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक भी करेंगे. इस दौरान राजीव चंद्रशेखर के नेतृत्व में चुनाव लड़ने और हॉट सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन होगा. शाह का यह दौरा स्पष्ट करता है कि भाजपा इस बार केरल के दुर्ग को फतह करने के लिए पूरी ताकत लगा चुकी है.
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अमित शाह की कोझिकोद में होने वाली यह हुंकार केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है. विकास और आस्था के संगम वाली यह रणनीति कितनी सफल होगी, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल शाह की सक्रियता ने विपक्ष के खेमे में हलचल तेज कर दी है.
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