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पीएम मोदी ने जहां खाई झालमुड़ी, वहां आज क्यों पसरा है सन्नाटा? जानें दुकानदार विक्रम के अचानक गायब होने के पीछे क्या है पेंच

पीएम मोदी के झालमुड़ी खाने के बाद वायरल हुई झारग्राम की दुकान अचानक बंद मिली, जिससे रहस्य गहरा गया. शाम को खुद दुकानदार विक्रम ने सामने आकर बताया कि ये सुरक्षा और भावनात्मक दबाव का असर था…

बंगाल की राजनीति में आज ‘झालमुड़ी’ सबसे बड़ा मुद्दा (Jhalmuri Stall Viral News) बनी हुई है, लेकिन झारग्राम की उस गली में सन्नाटा पसरा है जहां कल तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने हलचल मचा दी थी. जिस दुकानदार विक्रम कुमार साऊ के हाथ की झालमुड़ी खाकर पीएम ने उसकी तारीफों के पुल बांधे थे, आज उसी दुकान पर ताला लटका देख लोग हैरान हैं. आखिर जिस दुकान को आज सबसे ज्यादा कमाई करनी चाहिए थी, वह अचानक ‘गायब’ क्यों हो गई?

‘VVIP’ स्वाद के बाद दुकान पर सन्नाटा क्यों?

प्रधानमंत्री के अचानक रुकने और झालमुड़ी खाने के बाद झारग्राम का यह छोटा सा स्टॉल रातों-रात नेशनल हेडलाइन बन गया था. आज सुबह से ही वहां ग्राहकों और मीडिया का हुजूम उमड़ पड़ा, लेकिन विक्रम की दुकान नहीं खुली. सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या सुरक्षा कारणों से दुकान बंद कराई गई है या फिर विक्रम इस ‘अचानक मिली शोहरत’ को संभाल नहीं पा रहे?

 

सुरक्षा का घेरा या ‘आशीर्वाद’ का भार?(Jhalmuri Stall Viral News)

सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी के दौरे के बाद उस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई थी. साथ ही, विक्रम कुमार साऊ और उनका परिवार इस कदर ‘ओवरवेल्म्ड’ (भावुक) है कि वे इस ऐतिहासिक पल को शांति से महसूस करना चाहते हैं. विक्रम ने शाम को दुकान खोलते ही बताया, “कल जो हुआ वो किसी चमत्कार से कम नहीं था. दिन भर भारी अनिश्चितता और सुरक्षा प्रोटोकॉल की वजह से दुकान नहीं खोल पाया, लेकिन शाम होते ही मैं फिर से अपने उन्हीं ग्राहकों के बीच हूं.

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‘झालमुड़ी’ अब बन गई ‘जीत का स्वाद’

चुनाव नतीजों में झारग्राम और आसपास की सीटों पर बीजेपी की भारी बढ़त के बीच इस दुकान का बंद होना और फिर खुलना एक ‘पॉलिटिकल सिंबल’ बन गया है. समर्थक इसे ‘मोदी मैजिक’ कह रहे हैं. विक्रम की दुकान अब सिर्फ एक स्टॉल नहीं, बल्कि झारग्राम का वो ‘लैंडमार्क’ बन गई है जहां देश का प्रधानमंत्री एक आम बंगाली की तरह झालमुड़ी का लुत्फ लेने पहुंचा था.

‘मेरी दुकान अब झारग्राम की नहीं, पूरे देश की है’

देर शाम जब विक्रम ने दोबारा दुकान खोली, तो उन्होंने रुंधे गले से कहा कि वे बेहद आभारी हैं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री का उनके पास आना उनके जीवन का सबसे यादगार पल है. अब उनकी झालमुड़ी का स्वाद चखने के लिए लोग दूर-दराज के जिलों से भी पहुंच रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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