Bihar Politics : भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार सिंगर पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) से मुलाकात की. यह मुलाकात बिहार की राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई, खासकर तब जब ज्योति सिंह अपने पति पवन सिंह के साथ वैवाहिक विवाद को लेकर सुर्खियों में रही हैं. इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के दौरान ज्योति सिंह और प्रशांत किशोर दोनों ने ही अपने-अपने पक्ष को स्पष्ट रूप से सामने रखा.
‘मैं चुनाव लड़ने का टिकट मांगने नहीं आई’
प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद ज्योति सिंह ने मीडिया के सामने अपनी स्थिति साफ की. उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे यहां किसी भी चुनाव को लड़ने या किसी राजनीतिक दल से टिकट मांगने के इरादे से नहीं आई हैं. उनके इस स्पष्टीकरण ने उन सभी राजनीतिक अटकलों पर विराम लगा दिया, जिनमें यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे अपने निजी विवादों के बीच राजनीति में कदम रख सकती हैं. उनका मुख्य उद्देश्य शायद अपनी समस्याओं को सामने रखना और एक सामाजिक मंच से समर्थन प्राप्त करना था.

पीके का रूख: पारिवारिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं
ज्योति सिंह की बातों को सुनने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी की नीति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि वे किसी के भी निजी या पारिवारिक मामलों में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर सकते, क्योंकि यह विशुद्ध रूप से एक निजी मामला है. हालांकि, प्रशांत किशोर ने तुरंत यह आश्वासन भी दिया कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी पार्टी ‘जन सुराज’ हमेशा उनके साथ खड़ी है. प्रशांत किशोर के इस बयान से यह साफ हो गया कि जन सुराज एक नैतिक और सामाजिक समर्थन प्रदान करेगा, लेकिन निजी विवादों में मध्यस्थता से दूर रहेगा. यह मुलाकात महिलाओं के सामाजिक और कानूनी अधिकारों के महत्व को दर्शाती है.
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