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बंगाल में ‘दीदी’ युग का अंत: राज्यपाल ने किया कैबिनेट बर्खास्त, 15 साल बाद ममता सत्ता से बाहर

पश्चिम बंगाल में विधानसभा भंग होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यकाल समाप्त हो गया है. इससे राज्य में 15 वर्षों से चल रही सत्ता का अंत हो गया है और राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल गया है. अब नई सरकार गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बेहद बड़ा और अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिला है, जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को हिला कर रख दिया है. विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद राज्यपाल की ओर से एक अहम संवैधानिक निर्णय लेते हुए पूरी कैबिनेट को भंग कर दिया गया. इसी फैसले के साथ राज्य में लंबे समय से सत्ता संभाल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यकाल भी औपचारिक रूप से समाप्त हो गया और वह अब मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहीं.

15 साल पुरानी सत्ता का अध्याय समाप्त

पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर लगातार सियासी तनाव और खींचतान जारी थी. इस फैसले के बाद पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों से चली आ रही एक मजबूत राजनीतिक सत्ता का अध्याय समाप्त हो गया. यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत के संकेत दे रहा है, जहां अब आगे की सत्ता संरचना और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

राज्यपाल ने इन शक्तियों से कि सरकार बर्खास्त

गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज (b) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग किया है. इस आदेश पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं. इसके लागू होने के साथ ही राज्य विधानसभा को भंग कर दिया गया है, जिससे पश्चिम बंगाल में पिछले 15 वर्षों से चल रहे तृणमूल कांग्रेस के शासन का अंत हो गया है.

चुनाव आयोग पर गड़बड़ी के आरोप

इससे पहले ममता बनर्जी ने बुधवार को कालीघाट स्थित अपने घर पर तृणमूल कांग्रेस के नए विधायकों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा कि वे राज्य के चुनाव नतीजों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी. साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और भारत निर्वाचन आयोग पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए.


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बंगाला चुनाव के नतीजे

इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भारी बढ़त हासिल करते हुए स्पष्ट बहुमत की ओर कदम बढ़ाया है और लगभग 207 से सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है और उनको सिर्फ 80 सीटें मिली है. इस परिणाम को राज्य में लंबे समय से चल रहे TMC शासन के अंत और एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं कांग्रेस को 2 सीटें और वाम दलों का 1 सीट मिली है.

-भारत एक्सप्रेस



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