भोजपुरी सिनेमा के ‘ट्रेंडिंग स्टार’ खेसारी लाल यादव अक्सर अपनी फिल्मों और गानों को लेकर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है. पिछले कुछ दिनों से गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि क्या खेसारी भी राजनीति की पिच पर बैटिंग करने उतरेंगे? लेकिन राजनीति में आने के सवाल पर खेसारी ने कहा कि वह एक कलाकार हैं और ताउम्र कलाकार ही बने रहना चाहते हैं.
उन्होंने कहा,
‘राजनीति मेरे बस की बात नहीं है, क्योंकि वहां कदम-कदम पर झूठ बोलना पड़ता है और मैं ठहरा सच बोलने वाला इंसान.’
दरअसल, हाल ही में रितेश पांडे के बीजेपी में शामिल होने और मनोज तिवारी के कुछ बयानों के बाद यह कयास लगाया जा रहा था कि खेसारी भी किसी बड़ी पार्टी का दामन थाम सकते हैं. लेकिन खेसारी ने स्पष्ट कर दिया कि उनका ठिकाना सिर्फ और सिर्फ मनोरंजन की दुनिया है.
निजी विवादों पर क्या बोले खेसारी?
जब खेसारी से अक्षरा सिंह और पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे विवादों पर सवाल हुआ, तो उन्होंने बड़ी समझदारी से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि यह एक निजी और कोर्ट का मामला है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना सही नहीं है. एक पिता होने के नाते वह भावुक जरूर होते हैं, लेकिन अब वह फालतू के विवादों से दूर रहना चाहते हैं.
वहीं, पवन सिंह और उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए खेसारी ने कहा, “जो भी बिहार और झारखंड का नाम रोशन कर रहा है, वह हम सबके लिए गर्व की बात है. चाहे पवन सिंह हों या कोई और, कलाकार का सम्मान होना चाहिए.” तेज प्रताप यादव के ‘स्टारडम’ वाले बयान पर उन्होंने फलसफा दिया कि स्टारडम स्थायी नहीं होता; आज कोई और है, कल कोई और होगा. यही कुदरत का नियम है.
बेटियों की सुरक्षा पर झलका दर्द
राजनीति से दूरी बनाने वाले खेसारी सामाजिक मुद्दों पर चुप नहीं रहे. नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत और उसके परिवार को मिल रही धमकियों पर उन्होंने गहरा दुख जताया. खेसारी ने भावुक होते हुए कहा कि जिस राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, वहां की सरकार को गंभीरता से सोचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ‘हर घर में एक बेटी जरूर होनी चाहिए, ताकि लोग बेटियों का दर्द और उनकी अहमियत समझ सकें.’
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-भारत एक्सप्रेस
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