The Bengal Files Controversy: विवेक अग्निहोत्री की चर्चित फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ आखिरकार 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई. लेकिन रिलीज के साथ ही फिल्म विवादों के भंवर में घिर गई है. जिस फिल्म को लेकर लंबे समय से चर्चाएं थीं, उसका कोलकाता में कहीं भी प्रदर्शन नहीं हो रहा. यही मुद्दा अब सियासी टकराव का कारण बन गया है.
बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत
द बंगाल फाइल्स की रिलीज ऐसे समय हुई जब टाइगर श्रॉफ की एक्शन फिल्म ‘बागी 4’ पहले से ही सिनेमाघरों में दर्शकों को खींच रही थी. शुरुआती दिन फिल्म के लिए आसान नहीं रहे. सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन करीब 1.75 करोड़ रुपये का भारत नेट कलेक्शन किया.
शुक्रवार को फिल्म की कुल हिंदी ऑक्यूपेंसी 21.24% रही. सुबह के शो में सिर्फ 15% दर्शक पहुंचे, दोपहर तक यह संख्या थोड़ी बढ़कर 18.58% हुई. शाम को ऑक्यूपेंसी 22.08% और रात के शो में सबसे ज्यादा 29.20% तक पहुंची.
फिलम की कहानी पर विवाद
यह फिल्म विवेक अग्निहोत्री की फाइल्स ट्रिलॉजी का आखिरी हिस्सा है. इससे पहले उन्होंने ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द वैक्सीन वॉर’ बनाई थी. ‘द बंगाल फाइल्स’ 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और उसके बाद हुई सांप्रदायिक हिंसा पर आधारित है. उस समय मुस्लिम लीग की अपील पर कलकत्ता में बड़े पैमाने पर दंगे भड़के थे, जिनमें हजारों लोग मारे गए. फिल्म में इन्हीं घटनाओं को हिंदू नरसंहार के नजरिए से दिखाया गया है.
लेकिन यहीं से विवाद भी शुरू होता है. विरोधियों का आरोप है कि फिल्म ऐतिहासिक घटनाओं को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है.
कोलकाता में स्क्रीनिंग पर रोक क्यों?
हालांकि फिल्म पूरे देश में रिलीज हुई है, मगर कोलकाता के किसी भी सिनेमाघर में इसे जगह नहीं मिली. इस पर बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया.
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा—
“‘द बंगाल फाइल्स’ पूरी दुनिया में रिलीज हुई, लेकिन बंगाल और पाकिस्तान में नहीं. ममता बनर्जी को इसे सम्मान की तरह लेना चाहिए कि उन्होंने बंगाली हिंदुओं की कुर्बानी का अपमान कर दिया और उन्हें पाकिस्तान जैसी सोच रखने वालों की कतार में खड़ा कर दिया.”
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TMC का जवाब
दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस ने साफ किया कि सरकार ने कोई बैन नहीं लगाया है. पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा,
“पश्चिम बंगाल में फिल्म पर कोई रोक नहीं है. यहां लोकतंत्र है. कौन-सी फिल्म रिलीज होगी और कौन-सी नहीं, यह फैसला डिस्ट्रीब्यूटर और मल्टीप्लेक्स मालिक लेते हैं, सरकार नहीं.”
फिल्म मेकर्स के आरोप
लेकिन फिल्म के निर्माता-निर्देशक इससे सहमत नहीं हैं. विवेक अग्निहोत्री का दावा है कि राज्य सरकार पर्दे के पीछे दबाव बना रही है. उनका आरोप है कि थिएटर मालिकों को धमकाया जा रहा है ताकि वे फिल्म न दिखाएं.
फिल्म की अभिनेत्री और निर्माता पल्लवी जोशी ने तो राष्ट्रपति को खुला पत्र लिखते हुए इसे “अनऑफिशियल बैन” बताया. उनका कहना है कि सेंसर बोर्ड ने कोई आपत्ति नहीं जताई, फिर भी सिनेमाघर फिल्म से दूर भाग रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से मालिकों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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