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बांग्लादेश में दीपू दास के हत्यारे को बिजली के तारों पर लटकाया? जानिए वायरल दावे का पूरा सच

सोशल मीडिया पर वायरल 21 सेकेंड के वीडियो को दीपू चंद्र दास हत्याकांड के आरोपी से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. जांच में पता चला कि वीडियो बांग्लादेश के पाबना जिले में करंट लगने से हुई एक दुर्घटना का है, न कि किसी लिंचिंग आरोपी का…

Fact Check Alert: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और फेसबुक पर 21 सेकेंड का एक बेहद खौफनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक व्यक्ति का शव बिजली के हाई-वोल्टेज तारों पर लटका हुआ दिखाई दे रहा है और दमकलकर्मी उसे हटाने की कोशिश कर रहे हैं.

यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह शव बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की लिंचिंग (पीट-पीटकर हत्या) करने वाले मुख्य आरोपी हसन सहादत का है, जिसे किसी अज्ञात ने बिजली के तारों पर लटका दिया. आईए जानते हैं मामले की पूरी सच्चाई…

कैसे और कहां हुआ था यह दर्दनाक हादसा?(Bangladesh Viral Video Fact Check)

इंटरनेट पर कीवर्ड सर्च और बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना पाबना के आठघरिया उपजिला के देवोत्तर बाजार की है. वहां अल-अराफाह इस्लामी बैंक की छत पर जमा पानी देखने गए शाहादात हुसैन नाम के एक स्थानीय दुकान कर्मचारी का पैर फिसल गया. पैर फिसलने के कारण वह सीधे छत के बगल से गुजर रही हाई-वोल्टेज बिजली लाइन पर जा गिरा और मौके पर ही उसकी तड़पकर मौत हो गई. दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद उसका शव तारों से उतारा था.

‘वायरल पोस्ट में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं’

इस वायरल दावे (Bangladesh Viral Video Fact Check) की हकीकत जानने के लिए जब आठघरिया पुलिस स्टेशन के ऑफिसर इन चार्ज नजमुल हक से संपर्क किया गया, तो उन्होंने साफ किया कि मृतक शाहादात हुसैन देवोत्तर बाजार की एक दुकान का कर्मचारी था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. वहीं, मेमनसिंह जिले के एडिशनल एसपी अब्दुल्लाह अल मामून ने बताया, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है. दीपू दास हत्याकांड में अब तक 30 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन मृतक शाहादात का इस केस से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई संबंध नहीं है.”

170 किलोमीटर की दूरी और असली बैकग्राउंड

भौगोलिक तौर पर देखें तो पाबना जिला (जहां करंट लगने का हादसा हुआ) और मेमनसिंह जिला (जहां 18 दिसंबर 2025 को पायनियर निटवियर फैक्ट्री में कथित बेअदबी के आरोप में भीड़ ने दीपू चंद्र दास की हत्या की थी), दोनों एक-दूसरे से करीब 170 किलोमीटर दूर हैं. साफ है कि एक दुखद दुर्घटना के वीडियो को सांप्रदायिक और भ्रामक ऐंगल देकर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है.

पड़ताल (Bangladesh Viral Video Fact Check) का सच: दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है! हमारी वैज्ञानिक और जमीनी जांच में सामने आया है कि वायरल वीडियो का दीपू चंद्र दास हत्याकांड से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है. यह घटना असल में बांग्लादेश के पाबना जिले की है, जहां एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से एक आम नागरिक की मौत हो गई थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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