सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी को चिंता में डाल दिया है. दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबांसरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र में भारतीय सीमा के भीतर 60 किलोमीटर तक अंदर घुस आई है और वहां अपने नए कैंप भी बना लिए हैं. चूंकि मामला देश की सुरक्षा और भारत-चीन सीमा से जुड़ा है, इसलिए लोगों के बीच सवाल उठना लाजिमी था. लेकिन क्या वाकई ऐसा हुआ है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की पूरी सच्चाई.
PIB Fact Check ने खोली पोल
सरकारी एजेंसी PIB Fact Check ने इस वायरल दावे की पड़ताल की है और इसे पूरी तरह से फर्जी और बकवास करार दिया है. पीआईबी के अनुसार, सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को चीनी घुसपैठ का बताकर शेयर किया जा रहा है, उसका भारत-चीन सीमा से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है. यह वीडियो पूरी तरह भ्रामक है और गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें.
क्या है सच्चाई?
दरअसल, इन तस्वीरों में दिख रहा था कि चीन ने भारत-तिब्बत सीमा पर एक नई सड़क बनाई है. लेकिन यह सड़क उस विवादित क्षेत्र में बनी है, जो साल 1959 से ही चीन के नियंत्रण में है और फिलहाल वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के उस पार स्थित है. यह नई सड़क चीन द्वारा 2021 में बसाए गए एक गांव को 2026 में बनी नई बस्ती से जोड़ती है.
घुसपैठ के दावों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भारतीय सेना ने पहले भी स्थिति साफ की है. उनका कहना है कि इस सीमा का अभी तक औपचारिक निर्धारण नहीं हुआ है, जिसकी वजह से दोनों देशों की एलएसी (LAC) को लेकर अपनी अलग-अलग धारणाएं हैं. ऐसे में दोनों देशों के सैनिक गश्त करते हुए कभी-कभी एक-दूसरे के दावे वाले इलाके तक चले जाते हैं, जिसे ‘ट्रांसग्रेशन’ कहा जाता है.
चीन के इस बुनियादी ढांचे के जवाब में भारत सरकार भी अरुणाचल प्रदेश में सड़कों, पुलों और सुरंगों का जाल तेजी से बिछा रही है, ताकि हमारी सेना हर चुनौती का कड़ा जवाब दे सके.
PIB की जांच से यह साफ है कि वायरल दावा भ्रामक है. इसलिए किसी भी पोस्ट, वीडियो या तस्वीर पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच जरूर करें.
ये भी पढ़ें: भूटान ने नहीं लिया भारत का E20 पेट्रोल? सोशल मीडिया के दावे पर पेट्रोलियम मंत्रालय का बड़ा खुलासा
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


