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Fact Check: धीरेंद्र शास्त्री की एकता पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, क्या है वीडियो के पीछे की सच्चाई

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक बड़े से मैदान में लोगों का भारी जनसैलाब दिखाई दे रहा है. इस वीडियो को कई यूजर्स बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का बताकर शेयर कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक बड़े से मैदान में लोगों का भारी जनसैलाब दिखाई दे रहा है. इस वीडियो को कई यूजर्स बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का बताकर शेयर कर रहे हैं. आइए जानते हैं वीडियो के पीछे की सच्चाई.

क्या है दावा?

दरअसल, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने 7 नवंबर से लेकर 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक एक पदयात्रा का आयोजन किया है. इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में भक्तगणों ने हिस्सा लिया. इस बीच सोशल मीडिया पर इसी से जुड़ा वीडियो वायरल  हो गया. वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वो धीरेंद्र शास्त्री के पदयात्रा में उमड़े लोगों की भीड़ है.

कैसे सामने आई सच्चाई

वीडियो के फ्रेम पर स्पष्ट रूप से ‘jaygurudev yuva sangat lucknow’ लिखा हुआ नजर आता है. जब इस नाम को इंस्टाग्राम पर सर्च किया, तो पता चला कि इसी नाम वाले पेज ने 26 मई को इस वीडियो को पोस्ट किया था. यानी की यह वीडियो कई महीनों पुराना है और नवंबर में निकाली जा रही पदयात्रा से इसका जुड़ना संभव नहीं है.

वहीं, वीडियो में दिख रहे युवाओं की टी-शर्ट पर ‘जय गुरुदेव’ और ‘युवा संगठन भारत, आश्रम मथुरा’ लिखा नजर आता है. जिससे इस बात की पुष्टि हो जाती है कि यह वीडियो जयगुरुदेव धाम, मथुरा स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक संस्था से जुड़ा हुआ है. यहां संत पंकज महाराज के सत्संग और अन्य धार्मिक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहते हैं. मई 2024 में भी यहां पांच दिवसीय वार्षिक भंडारा-सत्संग मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल हुए थे. वायरल वीडियो भी इसी आयोजन की भीड़ से मिलता-जुलता पाया गया.

जांच के समय हमें ऐसी कई खबरें और तस्वीरें मिलीं, जिनमें उसी तरह की भीड़ दिखी जैसी वायरल वीडियो में नजर आ रही है. इससे पुष्टि होती है कि वीडियो जयगुरुदेव आश्रम के किसी बड़े धार्मिक आयोजन का हिस्सा है.

निष्कर्ष

हालांकि धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं, लेकिन वायरल वीडियो का इस यात्रा से कोई लेना देना नहीं है. ये वीडियो न तो नया है और न ही पदयात्रा से जुड़ा हुआ. इसलिए सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे गलत और भ्रामक हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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