सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वे कुछ लोगों को पैसे देते दिखाई दे रहे हैं, जिसे कई यूजर्स शेयर कर यह दावा कर रहे हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ वोटरों को पैसे बांट रहे थे. आइए जानते हैं वायरल हो रहे इस वीडियो का सच.
क्या है यूजर्स का दावा?
इस वीडियो को 8 नवंबर को एक इंस्टाग्राम यूजर ने पोस्ट किया और लिखा, ‘बीजेपी बिहार में पैसे देकर वोट खरीद रही है, देख लो सब ऐसे जीत होती है.” इसके बाद इस पोस्ट को कई लोगों ने इसी दावे के साथ शेयर किया.
जांच में क्या पता चला?
भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने वायरल वीडियो की जांच की. सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम निकालकर गूगल लेंस से खोजा गया. इसमें इसी वीडियो का लंबा वर्जन मिला, जो 20 फरवरी 2020 को फेसबुक पर अपलोड हुआ था. लेकिन इस पोस्ट में किसी चुनाव या पैसे बांटने की बात नहीं की गई थी.
दरअसल, फरवरी 2022 में भी यही वीडियो यूपी विधानसभा चुनाव के वक्त वायरल हुआ था. उस समय गोरखनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी ने बताया था कि 20 अप्रैल 2012 को योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के जीतपुर गांव में किसानों को मुआवजा दिया था, जिनकी फसल आग में जल गई थी.
यानी कि यह वीडियो साल 2012 का है, जब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद थे. उस समय उन्होंने अपने क्षेत्र के किसानों को फसल जल जाने पर मुआवजा वितरित किया था. अब इसी वीडियो को बिहार चुनाव 2025 से जोड़कर भ्रामक तरीके से फैलाया जा रहा है.
क्या हैं सच?
जांच के बाद ये बात स्पष्ट है कि वायरल वीडियो पुराना है, न कि बिहार चुनाव के दौरान का है. इसे केवल गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. इसलिए यह दावा कि बिहार चुनाव में योगी आदित्यनाथ वोटरों को पैसे दे रहे हैं, पूरी तरह झूठा और भ्रामक है.
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-भारत एक्सप्रेस
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