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Fact Check: क्या केंद्र सरकार पर सवाल उठाता CRPF जवान का वायरल वीडियो असली है?

CRPF Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक सीआरपीएफ जवान केंद्र सरकार के नीतियों पर सवाल उठाता दिख रहा है. इस वीडियो को कई सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा शेयर किया जा रहा है.

CRPF Viral Video Fact Check

CRPF Viral Video Fact Check

CRPF Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक सीआरपीएफ जवान केंद्र सरकार के नीतियों पर सवाल उठाता दिख रहा है. इस वीडियो को कई सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा शेयर किया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से आम आदमी से लेकर सीमा पर लड़ने वाले जवान तक परेशान हैं. आखिर क्या है इस वायरल वीडियो की सच्चाई आइये बताते हैं.

वायरल हो रहे वीडियो में कथित जवान यह कहते हुए सुनाई देता है- मैं मंत्री राजनाथ सिंह से पूछना चाहता हूं कि अगर 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ गए हैं, तो फिर 5 किलो राशन कौन खा रहा है? नरेंद्र मोदी खा रहे हैं या तुम खा रहे हो? इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

फर्जी निकला वीडियो

हालांकि, जब इस दावे की पड़ताल की गई तो यह वीडियो भ्रामक निकला. भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने इस वायरल वीडियो को लेकर स्पष्ट जानकारी दी है.

PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बताया कि वायरल वीडियो फर्जी (Fake) है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है. एजेंसी के अनुसार, वीडियो में दिखाई गई सामग्री ओरिजनल नहीं है और इसका किसी वास्तविक सीआरपीएफ जवान से कोई संबंध नहीं है.

भ्रामक वीडियो और पोस्ट से सावधान रहें

PIB ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली ऐसी भ्रामक वीडियो और पोस्ट से सावधान रहें. किसी भी वीडियो, फोटो या दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है. सही और प्रमाणित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए.

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फैक्ट चेक में वायरल दावा झूठा पाया गया. सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा कथित सीआरपीएफ जवान का वीडियो वास्तविक नहीं है. यह वीडियो AI से बनाया गया फर्जी वीडियो है. इसलिए इस वीडियो को वास्तविक मानकर साझा करना भ्रामक सूचना फैलाने के जैसा ही होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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