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क्या एपस्टीन फाइल्स की वजह से घिर गए ट्रंप? जानें न्यूयॉर्क में हुए भारी विरोध प्रदर्शन का असली सच

सोशल मीडिया पर ट्रंप टावर के बाहर हजारों की भीड़ का एक वीडियो ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) के नाम पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि फाइल्स में नाम आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है.

Epstein Files and Donald Trump

आजकल सोशल मीडिया पर किसी भी पुरानी घटना को नया रंग देकर परोसना एक आम बात हो गई है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विवादित ‘एपस्टीन फाइल्स’ को लेकर एक ऐसा ही दावा हवा में तैर रहा है. एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हजारों की भीड़ ट्रंप टावर के सामने नारेबाजी करती दिख रही है. दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप का नाम आने के बाद अमेरिका की जनता सड़कों पर उतर आई है. लेकिन जब हमने इस दावे की तहकीकात की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली.

क्या है वायरल वीडियो?

दरअसल, 8 फरवरी 2026 को एक फेसबुक यूजर ने इस वायरल हो रहे पोस्ट को अपलोड किया था.

यूजर ने पोस्ट के साथ ये भी लिखा था कि ‘Epstein Files में ट्रंप का नाम आने के बाद Trump Tower के सामने लोगों का विरोध प्रदर्शन’. अब ये पोस्ट अन्य यूजर भी आगे शेयर कर रहे है.

जांच में सच आया सामने

वीडियो की जांच करते के समय पता चलता है कि वायरल हो रहा वीडियो दो अलग-अलग क्लिप को मर्ज किया गया है. पहली क्लिप अक्टूबर 2025 की है और दूसरी जनवरी 2026 की. चौंकाने वाली बात यह है कि इन दोनों ही वीडियो का एपस्टीन फाइल्स से कोई लेना-देना नहीं है. दरअसल, यह प्रदर्शन ‘नो किंग्स’ (No Kings) आंदोलन का हिस्सा थे, जो ट्रंप की प्रशासनिक नीतियों, युद्ध और इमिग्रेशन (प्रवासन) के कड़े नियमों के खिलाफ आयोजित किए गए थे.

पहली क्लिप: इतिहास का सबसे बड़ा प्रदर्शन

पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो का पहला हिस्सा 18 अक्टूबर 2025 का है. उस वक्त अमेरिका के सभी 50 राज्यों में लाखों लोग ट्रंप प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे. आयोजकों ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा एकदिवसीय प्रदर्शन बताया था, जिसमें करीब 70 लाख लोगों ने हिस्सा लिया था. यह विरोध प्रदर्शन ट्रंप की नीतियों के खिलाफ था, न कि किसी फाइल के खुलासे के विरोध में.

दूसरी क्लिप: ट्रंप टावर के बाहर का हंगामा

वहीं, वीडियो का दूसरा हिस्सा जनवरी 2026 का है. न्यूयॉर्क के फिफ्थ एवेन्यू पर स्थित ट्रंप टावर के पास हजारों लोग ‘नो वॉर, नो किंग्स, नो ICE’ मार्च निकाल रहे थे. यह मार्च ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया था. प्रदर्शनकारी ‘इम्पीच ट्रंप’ जैसे बैनर लेकर चल रहे थे और उनकी सरकार को हटाने की मांग कर रहे थे.

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि एपस्टीन फाइल्स के नाम पर अमेरिका में फिलहाल कोई ऐसा बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ है जैसा वीडियो में दावा किया जा रहा है.

आखिर क्या हैं ये ‘एपस्टीन फाइल्स’?

जेफरी एपस्टीन एक सजायाफ्ता अपराधी था, जिसकी 2019 में मौत हो गई थी. हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने उसकी जांच से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज और हजारों वीडियो जारी किए हैं. इन फाइलों में दुनिया की कई नामी हस्तियों, राजनेताओं और व्यापारियों के नाम दर्ज हैं. सितंबर 2025 में एक ‘बर्थडे बुक’ भी सामने आई थी जिसमें ट्रंप का जिक्र था, हालांकि ट्रंप ने किसी भी तरह के संबंधों से साफ इनकार किया है.

निष्कर्ष

इस जांच से ये बात साफ हो जाती है कि वायरल हो रहा दावा झूठा और भ्रामक है. ट्रंप विरोधी प्रदर्शनों के पुराने वीडियो को एपस्टीन फाइल्स के विवाद से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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