सोशल मीडिया पर अक्सर ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किए गए बयान वा.रल रहते ही है. इसी बीच पीएम मोदी का एक और बयान वाला वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो से ये दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ईसाई धर्म की तारीफ कर रहे है. लेकिन हर बार की तरह इस बार ये वीडियो पूर्ण रूप से सच्चा नहीं है. आइए जानते है कि असल में क्या है वीडियो की सच्चाई.
क्या है वायरल वीडियो का सच?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से फेसबुक और व्हाट्सएप पर एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है. इसमें प्रधानमंत्री मोदी को यह कहते सुना जा सकता है कि स्वर्ग का रास्ता केवल ईसा मसीह के जरिए ही मिलता है. वीडियो को पहली बार देखने पर ऐसा लगता है जैसे पीएम मोदी किसी सभा को संबोधित कर रहे हैं. कई लोगों ने इसे सच मान लिया और इसे सांप्रदायिक सौहार्द के नजरिए से शेयर कर रहे है.
बता दें कि इस वीडियो को 29 जनवरी को एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था.
जांच में कैसे खुला झूठ का पिटारा?
दावे की जांच करने के लिए सबसे पहले हमने वीडियो को ध्यान से देखा, तो उसमें पीएम मोदी के चेहरे के हाव भाव और आवाज के साथ होंठो के तालमेल में गड़बड़ी दिखी. साथ ही उनके हाथों के मूवमेंट में भी बनावटीपन सा लग रहा था. इससे हमारा शक इसके एआई द्वारा बनाए जानें पर हुआ.
इसी क्रम में हमने वीडियो की जांच हाई-टेक एआई डिटेक्शन टूल्स से की. जांच में इसके 99 फीसदी से ज्यादा इस बात की पुष्टि की कि यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है. साथ ही एक्सपर्ट्स का भी यही मानना है कि यह वीडियो केवल लोगों को गुमराह करने के लिए बनाया गया है.
बता दें कि इसे सबसे पहले एक फेसबुक के यूजर ने पोस्ट किया था, जिसके हजारों फॉलोअर्स हैं.
इस जांच से ये बात साफ हो जाती है कि वायरल हो वीडियो एआई द्वारा बनाया गया है. साथ ही उसके साथ किया जा रहा दावा झूठा और भ्रामक है.
ये भी पढ़ें: सीएम योगी ने कहा भेदभाव करने वाले ही कर रहे UGC के नियमो का विरोध, जानें वायरल पोस्ट की सच्चाई
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


