पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आसमान छू रखा है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है. बढ़ती कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल और बयानों को ताता लग चुका है. इसी में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बाबा रामदेव को कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर टैक्स में छूट मिले तो मैं 35 रुपए में पेट्रोल-डीजल दूंगा. लेकिन क्या ये वाकई सच है? क्या बाब रामदेव ने ऐसा कोई बयान दिया है? आइए जानते है क्या है वीडियो और बयान की कहानी.
क्या है वायरल दावा?
दरअसल, 26 मई को एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि मैं 35-40 रुपए में पूरे हिंदुस्तान को डीजल पेट्रोल दे दूंगा, अगर मोदी सरकार मुझे पेट्रोल पंप लगाने की अनुमति दे – रामदेव.
मैं 35-40 रुपए में पूरे हिंदुस्तान को डीजल पेट्रोल दे दूंगा, अगर मोदी सरकार मुझे पेट्रोल पंप लगाने की अनुमति दे. – रामदेव pic.twitter.com/qgzoQKm2td
— Mohd Fahad Suri (@Fahad_Journo) May 26, 2026
अब इस पोस्ट के सामने आते ही लोग इसे मौजूदा समय का बयान समझकर री-ट्वीट करने लगे. कई अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स से भी इसी तरह के दावों के साथ ये वीडियो फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर किया जा रहा है.
पड़ताल में क्या आया सामने?
जब इस वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को निकालकर इंटरनेट पर रिवर्स इमेज सर्च के जरिए खंगाला गया, तो सच्चाई सामने आई. असल में ये वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि करीब 8 साल पुराना है.
ये वीडियो सितंबर 2018 का है, जब बाबा रामदेव एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए थे. 16 सितंबर 2018 को प्रकाशित हुई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस कार्यक्रम में जब रामदेव से देश में तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल पूछा गया, तब उन्होंने ये बात कही थी.
उन्होंने मंच से कहा था कि वह पैसे के पीछे नहीं भागते, बल्कि पैसा उनके पीछे भागता है. तेल के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने सुझाव दिया था कि अगर सरकार उन्हें पेट्रोल पंप लगाने की मंजूरी दे दे और टैक्स में थोड़ी रियायत दे, तो वह देश को 35-40 रुपये प्रति लीटर में तेल दे सकते हैं. इसी इंटरव्यू में उन्होंने सरकार को सलाह देते हुए ये भी कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी (GST) के दायरे में लाया जाना चाहिए और कुछ समय के लिए इन्हें 5 से 12 फीसदी वाले स्लैब में रखना चाहिए ताकि आम जनता को बड़ी राहत मिल सके.
इसी मामले से जुड़ी सितंबर 2018 की अन्य मीडिया रिपोर्ट्स को देखने पर पता चला कि बाबा रामदेव ने एक अन्य हिंदी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में भी इस बात को दोहराया था.
इस पूरी पड़ताल से ये साफ हो जाता है कि बाबा रामदेव का जो वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसका आज की परिस्थितियों से कोई लेना-देना नहीं है. ये बयान साल 2018 का है, जिसे काटकर और संदर्भ बदलकर आज का बताकर शेयर किया जा रहा है. इसलिए ऐसे किसी भी वीडियो पर आंख मूंद कर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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