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बंगाल में मुसलमानों और ईसाइयों को क्यों घरों से निकाल रहे है बाहर? जानें क्या है वायरल हो रहे वीडियो की पूरी सच्चाई

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद एक यूजर ने वीडियो शेयर कर दावा किया कि बंगाल में अल्पसंख्यकों को निकाला जा रहा है. लेकिन क्या ऐसा सच में हुआ है. आइए जानते है वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई.

Fact Check Old Ghaziabad Video Viral as Minority Harassment in West Bengal

बंगाल चुनावों के दौरान सोशल मीडिया पर भारी मात्रा में कई वीडियोज को चुनाव से जोड़कर शेयर किया गया था. अब वहां पर ऐतिहासिक जीत के साथ ममता बनर्जी का वर्चस्व खत्म कर भाजपा ने अपनी सरकार बना ली और राज्य के नेतृत्व के लिए बीजेपी ने सुवेंदु को मुख्यमंत्री के रूप में चुना है. लेकिन वायरल हो रहे वीडियो का सिलसिला अभी भी जारी है. इसी बीच एक और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा है, जिससे दावा किया जा रहा है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां के मुसलमानों और ईसाइयो को जबरन घरों से बाहर निकाला जा रहा है. लेकिन क्या ऐसा वाकई में हो रहा है? आइए जानते है पूरी सच्चाई.

क्या है वायरल हो रहा वीडियो और दावा?

दरअसल, सोशल मीडिया के एक यूजर ने वायरल हो रहे वीडियो को पोस्ट किया. इस वीडियो में पुलिस और सुरक्षाबलों को देखा जा सकता है, जो लोगों की नागरिकता की जांच करते दिख रहे थे. यूजर ने बड़े-बड़े शब्दों में लिखा कि बंगाल में जीत के बाद CRPF हर अल्पसंख्यक के घर जाकर उन्हें ‘बांग्लादेशी’ बताकर हटा रही है.

Fact Check Old Ghaziabad Video Viral as Minority Harassment in West Bengal

अब ये वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गई है

जांच में सच आया सामने

जब इस वीडियो की गहराई से जांच की गई, तो सच कुछ और ही निकला. जिसे बंगाल का बताया जा रहा था, वो असल में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का वीडियो है. साथ ही ये वीडियो हाल फिलहाल का भी नहीं है बल्कि करीब 5-6 महीने पुराना है, जिसका जिक्र 1 जनवरी 2026 के आसपास कई बड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में भी हुई थी.

असल में, 23 दिसंबर 2025 को गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में पुलिस सत्यापन (Verification) का काम कर रही थी. वीडियो में कौशांबी के तत्कालीन थाना प्रभारी एक शख्स की पीठ पर मोबाइल रखकर कुछ चेक करते दिखे थे, जिसे उन्होंने बाद में महज एक ‘मजाक’ बताया था. उस समय पुलिस की इस हरकत पर काफी विवाद भी हुआ था और अधिकारियों ने चेतावनी भी जारी की थी. इसी पुराने वीडियो को उठाकर अब बंगाल के संदर्भ में परोसा जा रहा है.

पाकिस्तान का खेल

बता दें कि इस वीडियो को हवा देने वाला अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा है. वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल खंगालने पर पता चला कि वो अक्सर भारत विरोधी और नफरत फैलाने वाली पोस्ट साझा करता रहता है.

ये बात सच है कि बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घुसपैठ को लेकर सख्त रुख अपनाया है. कैबिनेट की पहली बैठक में उन्होंने सीमा पर बाड़ लगाने और अवैध घुसपैठ की समस्या को सुलझाने की बात जरूर कही है, लेकिन किसी भी समुदाय को जबरन हटाने या घरों में घुसकर प्रताड़ित करने जैसी कोई घटना नहीं हुई है.

इस जांच से ये साफ हो गया है कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया जा रहा दावा झूठा और भ्रामक है. इसलिए किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि किसी विश्वसनीय रिपॉर्ट या सोर्स से जरूर करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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