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क्या अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए भारत से मांगी सैन्य मदद? जानें सोशल मीडिया पर वायरल दावे का सच

सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि अमेरिका ने भारत से सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत मांगी है. विदेश मंत्रालय ने इसे ‘फेक न्यूज’ बताते हुए खारिज किया है.

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आजकल सोशल मीडिया का दौर है और यहां बातें किसी रॉकेट की रफ्तार से फैलती हैं. कब, कौन सी खबर वायरल हो जाए और लोग उसे बिना सोचे-समझे सच मानकर फॉरवर्ड करने लगें, कहना मुश्किल है. इसी बीच एक ऐसी ही चौंकाने वाली खबर तैर रही है, जिसने न केवल आम लोगों को बल्कि गलियारों में बैठे जानकारों को भी हैरान कर दिया. दावा किया जा रहा था कि अमेरिका (US) ने ईरान (Iran) पर बमबारी करने के लिए भारत से सैन्य मदद और उसके ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत मांगी है. लेकिन क्या वाकई भारत इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने जा रहा है? आइए जानते हैं.

क्या है वायरल दावा?

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें कहा गया कि अमेरिका ने भारत के पश्चिमी हिस्से में मौजूद सैन्य संसाधनों और ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी है. दावे के अनुसार, अमेरिका इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर एयरस्ट्राइक करने के लिए करना चाहता है. कुछ स्वयंभू जानकारों ने तो इसे भारत-अमेरिका के बीच हुए पुराने लॉजिस्टिक्स समझौते (LEMOA) से जोड़कर भी पेश कर दिया.

विदेश मंत्रालय ने किया खारिज

भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. मंत्रालय ने साफ लफ्जों में कहा कि ऐसी खबरों का हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है. ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए सरकार ने ‘फेक न्यूज अलर्ट’ जारी किया.

मंत्रालय ने लोगों को आगाह किया कि वे ऐसी भ्रामक और निराधार खबरों के जाल में न फंसें. सरकारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि कुछ लोग जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि अनावश्यक चिंता का माहौल बने.

‘हमने ईरान की सैन्य ताकत…’: ट्रंप

इस फर्जी खबर के बीच अमेरिका से भी बड़े बयान सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य क्षमता अब लगभग खत्म हो चुकी है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अपने लक्ष्यों के बेहद करीब है और जल्द ही इस सैन्य अभियान को समाप्त कर सकता है. उन्होंने कहा कि उनका मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता, नेवी, एयरफोर्स और एयर-डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह तबाह करना था, जिसमें वे सफल रहे हैं.

‘हम जीत चुके हैं, अब युद्धविराम की जरूरत नहीं’

जब पत्रकारों ने ट्रंप से युद्ध रोकने या सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर सवाल पूछा, तो उनके तेवर काफी सख्त नजर आए. ट्रंप ने साफ कर दिया कि वे फिलहाल युद्ध रोकने के मूड में नहीं हैं. उन्होंने कहा, “जब आप दुश्मन को पूरी तरह खत्म करने की कगार पर हों, तब युद्धविराम नहीं किया जाता. सैन्य नजरिए से देखें तो हम जीत चुके हैं और अब हम पूरी तरह आजाद होकर अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं.” अमेरिका ने यह भी दोहराया कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने के करीब नहीं पहुंचने देगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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