सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 5G मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए अनुमति दी है और landowners को आर्थिक प्रलोभन भी दिया जा रहा है.
यह पत्र TRAI के नाम से जारी बताया जा रहा है, जिसमें जमीन मालिकों से टावर इंस्टालेशन के लिए भुगतान और अन्य शर्तों का उल्लेख है. हालांकि, PIB फैक्ट चेक ने इसकी जांच की और इसे पूरी तरह से फर्जी घोषित किया है.
Have you also received a letter issued in the name of @TRAI granting permission for installing 5G Mobile Tower ⁉️#PIBFactCheck
▶️ This letter is #Fake
❌TRAI never issues any such letters
Read more: https://t.co/RToS6engvT pic.twitter.com/6nB0F5VaDD
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 22, 2025
TRAI ने स्पष्ट किया है कि वह मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए किसी भी तरह के लीजिंग या रेंटिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं है. टावर इंस्टालेशन का प्रबंधन दूरसंचार विभाग (DoT) और लाइसेंस प्राप्त टेलीकॉम कंपनियों द्वारा किया जाता है, न कि TRAI द्वारा.
वायरल पत्र में दी गई जानकारी, जैसे सैटेलाइट के जरिए जमीन की जांच और 48 घंटे के भीतर भुगतान, पूरी तरह गलत और भ्रामक है. PIB के अनुसार, इस तरह के दावों से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि यह लोगों को ठगने का एक प्रयास हो सकता है.
TRAI और DoT ने पहले भी ऐसे फर्जी पत्रों के खिलाफ चेतावनी जारी की है. आम जनता से अपील की गई है कि वे इस तरह के संदेशों पर भरोसा न करें और आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें. अगर किसी को इस तरह का पत्र मिलता है, तो उसे तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को रिपोर्ट करना चाहिए. यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों की गंभीरता को दर्शाता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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