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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच वायरल फ्लैशलाइट मार्च, जानें वीडियो का सच

ईरान में सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों ने इस वक्त पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा हुआ है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें हजारों की भीड़ मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर सड़कों पर उतरी है. यहां जाने सच.

Iran anti-government Protests Flashlight march viral video

ईरान में मौजूदा हालत बहुत ही खराब चल रही है. वहां की जनता के द्वारा सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन ने तूल पकड़ा हुआ है. इसी बीच वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि  चल रहे प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में बड़ी संख्या में भीड़ दिखाई देती है, जिसमें भीड़ को मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है. लेकिन वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है. आइए जानते है.

क्या है वायरल दावा?

दरअसल, एक सोशल मीडिया यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया. वीडियो के साथ यूजर ने ये भी लिखा, ‘ईरान से मिली रिपोर्टों के अनुसार, इंटरनेट बंद करने के अलावा, इस्लामी शासन ने सोमवार रात तेहरान के कई हिस्सों में बिजली भी काट दी. यह बिजली कटौती सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कई दिनों बाद हुई है, जो भारी सुरक्षा तैनाती के बावजूद राजधानी भर में फैल गए हैं. बिजली और मोबाइल डेटा जानबूझकर बाधित किए जाने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को रोशन करने के लिए अपने फोन की फ्लैशलाइट का सहारा लिया.’ वहीं पोस्ट के आखिर में यूजर ने ‘All Eyes on Iran’ जैसे हैशटैग का भी इस्तेमाल किया है.

अब इस वीडियो को अन्य यूजर्स अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मिलते जुलते दावे के साथ आगे शेयर कर रहे है.

क्या है वीडियो का सच?

जांच शुरू करते हुए हमारी फेक्ट चेक टीम ने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. सर्च में हमें एक वीडियो मिलता है, जिसे इंस्टाग्राम पर एक वेरिफाइड यूजर ने शेयर किया था. साथ में इस यूजर ने ये भी लिखा था कि ये वीडियो एआई द्वारा बनाया गया है. यूजर ने बताया कि ईरान में हो रहे संघर्ष और वहां की परिस्थितियों से प्रेरित होकर उन्होंने AI की मदद से इसे एक ‘डिजिटल आर्ट’ के तौर पर तैयार किया है.

हालांकि, पूर्ण रूप से पुष्टि के लिए टीम ने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया गया. चेक करने पर इस वीडियो में एआई छेड़छाड़ की अधिकतम संभावना की मिली. वहीं इसी क्रम में अन्य एआई डिटेक्टर टूल ने भी इसके 100 फीसदी एआई जेनरेटेड होने की संभावना बताई.

बता दें कि ये बात सच है कि ईरान इस वक्त एक बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौर से गुजर रहा है. वहीं, कई जगदों पर विरोध प्रदर्सन हिंसक भी हुए है और वहां पर इंटरनेट पर पाबंदियां लगा दी गई है. लेकिन वायरल हो रहा ये वीडियो असल में उस विरोध प्रदर्शन का नहीं है, जो इस जांच से स्पष्ट दो गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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