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‘बाघ-बकरी को एक घाट पानी पिलाया’… क्या अनंत-नीरज विवाद के बीच ललन सिंह ने ली चुटकी?

सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री और मुंगेर से सांसद राजीव रंजन सिंह का एक वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि ललन सिंह ने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह और जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच जारी राजनीतिक घमासान पर चुटकी ली है.

Lalan Singh Viral Video Anant Singh Neeraj Kumar Dispute Fake Claim

सोशल मीडिया के दौर में किसी बयान का वायरल होना आम बात हो गई है. इन दिनों केंद्रीय मंत्री और मुंगेर से सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का एक वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि ललन सिंह ने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह और जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच जारी राजनीतिक घमासान पर चुटकी ली है. लेकिन उनके बयान की कहानी इससे अलग है.

क्या है सच?

दरअसल, वायरल हो रहे इस वीडियो का अनंत सिंह या नीरज कुमार के विवाद से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है. यह वीडियो लखीसराय जिले के घोसैठ गांव में आयोजित एक जन संवाद कार्यक्रम का है. वहां ललन सिंह स्थानीय नेताओं के वर्षों पुराने विवाद को सुलझाने का उदाहरण दे रहे थे.

उन्होंने घोसैठ के मुखिया आलोक कुमार और पूर्व जिला पार्षद आशुतोष कुमार की पुरानी अदावत का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने दोनों विरोधियों को एक मंच पर लाकर ‘बाघ और बकरी को एक घाट पानी पिलाने’ जैसा काम किया है. इसी बयान को किसी ने सोशल मीडिया पर एडिट करके अनंत सिंह और नीरज कुमार के नाम से वायरल कर दिया.

‘₹5 की रिश्वत साबित हुई तो दे दूंगा इस्तीफा’

उसी मंच से ललन सिंह ने अपनी साफ-सुथरी राजनीति का जिक्र करते हुए विरोधियों को खुला चैलेंज भी दिया था. उन्होंने कहा, ‘मेरा पूरा राजनीतिक जीवन सिर्फ विकास के दम पर चला है, हमने कभी चोरी नहीं की. अगर क्षेत्र में कोई भी इंसान यह साबित कर दे कि ललन बाबू ने विकास कार्य के नाम पर 5 रुपये भी लिए हैं, तो मैं उसी वक्त राजनीति से संन्यास ले लूंगा.’

आपसी झगड़ों में पैरवी संस्कृति पर कसा तंज

गांवों की गुटबाजी पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि वे किसी एक पक्ष की गलत पैरवी करने के सख्त खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि गांव के दोनों पक्ष हमारे अपने वोटर हैं, इसलिए एकतरफा पैरवी करने से अच्छा है कि दोनों को बैठाकर समझौता करा दिया जाए.

कुल मिलाकर, स्थानीय गुटबाजी को खत्म करने का दिया गया संदेश सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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