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विजय के शपथ लेते ही तमिलनाडु में हिंदी पर कालिख? वायरल वीडियो का सच कुछ और निकला

Fact Check: तमिलनाडु में जे विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद हिंदी विरोध शुरू होने का दावा गलत है. वायरल वीडियो चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी की यात्रा से जुड़ा हुआ है और यह पुराना है.

Fact Check: तमिलनाडु में अभिनेता जे विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ. इस वीडियो में कुछ लोग सार्वजनिक साइनबोर्ड पर लिखे हिंदी शब्दों पर कालिख पोतते दिखाई दे रहे हैं. दावा किया गया कि विजय के शपथ ग्रहण के बाद राज्य में हिंदी विरोध की शुरुआत हो गई है.

क्या है वीडियो का सच?

भारत एक्सप्रेस न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ. जांच में पता चला कि यह वीडियो नया नहीं है बल्कि पुराना है. यह घटना उस समय की है जब राज्य में एम के स्टालिन की सरकार थी. वीडियो चुनाव प्रचार के दौरान 11 मार्च को पीएम मोदी की यात्रा से जुड़ा हुआ है. उस समय कई जगहों पर हिंदी विरोधी प्रदर्शन हुए थे.

वीडियो का असली स्रोत

रिवर्स इमेज सर्च करने पर यह वीडियो एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला, जिसे 12 मार्च को शेयर किया गया था. वीडियो के साथ दी गई जानकारी में बताया गया कि चेन्नई में कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने गैर-स्थानीय भाषा यानी हिंदी को हटाकर विरोध दर्ज कराया. इसी वीडियो को दक्षिण भारत के एक प्रमुख मीडिया चैनल ने भी 12 मार्च 2026 को साझा किया था.

चुनावी दौर से जुड़ा मामला

एक न्यूज एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार, 11 मार्च को पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे के दौरान कई जगहों पर हिंदी विरोधी प्रदर्शन हुए थे. यह वीडियो उसी संदर्भ का हिस्सा है. यानी विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद हिंदी विरोध शुरू होने का दावा पूरी तरह से भ्रामक है.

तमिलनाडु की राजनीतिक पृष्ठभूमि

अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे चार मई को आए. अभिनेता जे विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने जीत हासिल की और विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस जीत के साथ ही राज्य में लगभग छह दशकों से डीएमके और एआईडीएमके के बीच सत्ता का अदला-बदली का सिलसिला खत्म हो गया.

हिंदी विरोध का इतिहास

तमिलनाडु में हिंदी विरोध कोई नई बात नहीं है. यहां लंबे समय से ऐसे प्रदर्शन होते रहे हैं. चेन्नई स्थित एक पत्रकार ने भी पुष्टि की कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद हिंदी विरोध का दावा गलत है लेकिन राज्य में पहले भी इस तरह के विरोध होते रहे हैं.

वायरल पोस्ट

वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर के एक्स अकाउंट पर करीब 37 हजार फॉलोअर्स हैं. चुनावों से जुड़ी कई भ्रामक पोस्ट्स पहले भी सामने आ चुकी हैं. इस मामले में साफ है कि वीडियो पुराना है और इसे गलत संदर्भ में पेश किया गया.

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जे विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद तमिलनाडु में हिंदी विरोध शुरू होने का दावा झूठा है. वायरल वीडियो वास्तव में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से जुड़ा हुआ है.

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-भारत एक्सप्रेस



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