चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की खबरों के बाद राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में ‘सिटिजन्स मार्च’ निकाला गया. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इससे दावा किया जा रहा है कि CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है.
क्या हो रहा वायरल?
दरअसल, 4 अक्टूबर 2026 को एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया. वीडियो के साथ यूजर ने कैप्शन में यह भी लिखा, आखिरी बॉल का ही इंतजार था जब जंतर-मंतर स्टेडियम में मोदी जी ने छक्का मारकर देशद्रोहियों का पिछवाड़ा तोड़ दिया …जंतर मंतर अब भारतीय सेना के हवाले है और सेना आजादी ट्राली भर भरकर देती हैं…जय श्री राम.’
वहीं, वीडियो में सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते नजर आ रहे हैं. देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया.
क्या है वीडियो की असल कहानी?
जांच करने पर पता चला कि वायरल हो रहा वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि जुलाई 2026 का है. उस समय दिल्ली में छात्र NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सड़कों पर उतरे थे.
गूगल रिवर्स इमेज सर्च और डिजिटल फॉरेंसिक पड़ताल के दौरान यह वीडियो जुलाई 2026 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड मिला. 20 जुलाई को जंतर-मंतर और संसद भवन के आसपास छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा लाठीचार्ज किया गया था, जिसे मीडिया ने प्रमुखता से कवर किया था.
इस जांच से यह तो साफ है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह से भ्रामक है. असल में वायरल हो रहा वीडियो का इस समय हो रहे प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है और न ही यह वीडियो अभी का है.
इसलिए सोशल मीडिया पर दिख रहे किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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