Preventive Healthcare for Workers: केंद्र सरकार ने ‘फ्री हेल्थ चेकअप इनिशिएटिव’ की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य काम के दबाव और खराब जीवनशैली के कारण श्रमिकों में होने वाले उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोगों का समय पर पता लगाना है. ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ पर आधारित यह अभियान न केवल श्रमिकों को गंभीर बीमारियों से बचाएगा, बल्कि उनके इलाज पर होने वाले आर्थिक बोझ को भी कम करेगा.
सरकार का मानना है कि स्वस्थ श्रमिक ही मजबूत भारत की नींव हैं, इसलिए ESIC अस्पतालों में मुफ्त जांच के साथ उचित परामर्श की सुविधा भी दी जाएगी.
‘फ्री हेल्थ चेकअप इनिशिएटिव’
श्रमिक वर्ग के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने दिल्ली के बसई दारापुर स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए ‘फ्री हेल्थ चेकअप इनिशिएटिव’ का शुभारंभ किया. इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा भी उपस्थित रहे.
श्रमिक उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग
इस पहल का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों में जीवनशैली और बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों का समय पर पता लगाना है. अक्सर काम के दबाव, खराब जीवनशैली और पोषण की कमी के कारण श्रमिक उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं. आर्थिक तंगी और जागरूकता के अभाव में वे अस्पताल तभी पहुंचते हैं जब बीमारी गंभीर रूप ले लेती है.
इलाज का खर्च बचेगा
यह अभियान ‘रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) की रणनीति पर आधारित है, जिससे न केवल गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकेगा, बल्कि श्रमिकों के इलाज का खर्च भी बचेगा. सरकार का मानना है कि ‘स्वस्थ श्रमिक’ ही ‘मजबूत भारत’ की नींव है.
इस योजना के तहत ESIC अस्पतालों में मुफ्त जांच के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर उचित परामर्श और आगे के इलाज की सुविधा भी प्रदान की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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