दिल्ली के तीन मूर्ति हाइफ़ा चौक पर हाल ही में इतिहास और राष्ट्रभक्ति का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. यह मौका 108वें हाइफ़ा विजय दिवस समारोह का था, जिसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच’ (FANS) की तरफ से बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया गया. इस खास कार्यक्रम में उन वीर भारतीय सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने इतिहास के पन्नों में अपनी बहादुरी की अमर कहानी लिखी थी.
दुनिया का बड़ा तीर्थस्थल बनेगा हाइफ़ा चौक- डॉ. इंद्रेश कुमार
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुख्य संरक्षक, डॉ. इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में एक बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में यह तीन मूर्ति हाइफ़ा चौक दुनिया के सबसे बड़े तीर्थस्थलों में शुमार होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन यहां एक विशाल मेला लगेगा, जिसमें पूरी दुनिया से लोग शामिल होने आएंगे.
डॉ. इंद्रेश कुमार ने याद दिलाया कि कैसे हमारे सैनिकों ने कम संसाधनों के बावजूद अपनी जांबाजी के दम पर हाइफ़ा को मुक्त कराया था. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2018 में इस चौक का नाम बदलकर ‘तीन मूर्ति हाइफ़ा चौक’ रखा था, और तभी से हर साल 23 सितंबर को यह विजय दिवस पूरे जोश के साथ मनाया जाता है. इसके साथ ही उन्होंने मंच के तमाम पदाधिकारियों के प्रयासों की जमकर सराहना की.
भारत और इज़राइल की गहरी दोस्ती और साझा चुनौतियां
समारोह में भारत और इज़राइल के मजबूत रिश्तों की गूंज भी साफ सुनाई दी. इज़राइली दूतावास के राजनीतिक सलाहकार, निताय बेन हाएम ने मंच का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इज़राइल भारत को अपना सबसे पक्का दोस्त मानता है. उन्होंने कहा कि मुश्किल घड़ी में भारत ने हमेशा उनका साथ दिया है. आज दोनों देश टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर, डिफेंस और साइंस जैसे कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं.
वहीं, मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल ए.एस. लाम्बा ने अपने फौजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत और इज़राइल की दोस्ती सिर्फ कागजी या सियासी नहीं है, बल्कि यह सीमाओं से परे एक मजबूत मानसिक और रणनीतिक रिश्ता है.
नई पीढ़ी को याद रखना होगा बलिदान
पंजाब केसरी की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर किरण चोपड़ा ने इस कार्यक्रम की दिल खोलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान से जोड़ने का सबसे बेहतरीन जरिया हैं. कार्यक्रम के दौरान सरदार जसवीर सिंह और मेजर जनरल सुरेश भट्टाचार्या ने भी अपने विचार रखे, जबकि मंच संचालन वैशाली भाटिया ने बहुत ही शानदार तरीके से किया.
राष्ट्रगीत से शुरू हुआ यह कार्यक्रम अंत में राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ, जिसमें देश के कई जाने-माने बुद्धिजीवी, फौजी अधिकारी और आम लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए.
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-भारत एक्सप्रेस
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