Bharat Express DD Free Dish

30 दिन की हिरासत में मंत्री की कुर्सी जाएगी? 130वें संविधान संशोधन बिल पर JPC की रिपोर्ट 17 जुलाई को संभव

130th Constitution Amendment Bill: 130th Constitution Amendment Bill: 130वें संविधान संशोधन बिल पर बनी JPC 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है. प्रस्ताव है कि 5 साल या उससे अधिक सजा वाले गंभीर मामले में 30 दिन की हिरासत के बाद मंत्री को पद से हटाया जा सके, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक दुरुपयोग का रास्ता बता रहा है.

130th Constitution Amendment Bill

130th Constitution Amendment Bill

Edited by Rohit Agrawal

130th Constitution Amendment Bill: दिल्ली/ प्रशांत त्यागी क्या किसी मंत्री को सिर्फ़ 30 दिनों तक जेल में रहने के आधार पर पद से हटाया जा सकता है? यही सवाल इन दिनों देश की राजनीति के केंद्र में है. संविधान के 130वें संशोधन बिल पर बनी जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है. माना जा रहा है कि कमेटी बिल के मूल प्रावधान को बरकरार रखेगी, लेकिन इसके राजनीतिक दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ अहम सुरक्षा उपायों की भी सिफारिश कर सकती है.

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार

इस प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि किसी मंत्री पर ऐसा गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है जिसमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है और वह लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन उसे मंत्री पद से हटाया जा सकता है. इसके लिए राष्ट्रपति या राज्यपाल, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की सलाह पर आदेश जारी करेंगे.

‘नेचुरल जस्टिस’ यानी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ

यही प्रावधान विपक्ष के निशाने पर है. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी या हिरासत किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं होती. उनका तर्क है कि जब तक अदालत किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं करती, तब तक उसे मंत्री पद से हटाना ‘नेचुरल जस्टिस’ यानी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ होगा. विपक्ष का आरोप है कि भविष्य में इस कानून का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है. इसी मुद्दे पर कांग्रेस के कई सदस्यों ने JPC की कार्यवाही का बहिष्कार भी किया.

विधेयक को पारित कराने की कोशिश

यह बिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले साल अगस्त में संसद में पेश कर चुके हैं. बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय JPC इसकी समीक्षा कर रही है. अब उम्मीद जताई जा रही है कि संसद के आगामी मानसून सत्र में इस रिपोर्ट पर चर्चा होगी और सरकार इस विधेयक को पारित कराने की कोशिश कर सकती है.

हालांकि सूत्रों के मुताबिक, JPC के भीतर इस बात पर व्यापक सहमति बनती दिख रही है कि कानून में ऐसे स्पष्ट सुरक्षा प्रावधान जोड़े जाएं, जिससे राजनीतिक बदले की भावना से किसी मंत्री को फंसाकर पद से हटाने की आशंका कम हो. कमेटी यह भी सुझाव दे सकती है कि किन अपराधों में यह नियम लागू होगा और किन परिस्थितियों में नहीं. ऐसे में अब सभी की नजर 17 जुलाई को आने वाली JPC की रिपोर्ट और उसके बाद संसद में होने वाली बहस पर टिकी है.

यह भी पढ़ें: भारत-जापान का गठबंधन: रक्षा और AI डील फाइनल, पीएम मोदी ने जापानी समकक्ष को बताया ‘छोटी बहन’

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read