Bharat Express

UP News: 15 साल लड़के ने पिछले साल गाड़ी से ली थी दो लोगों की जान, अब कार से चार लोगों को मारी टक्कर

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर का मामला. चार लोगों को कार से टक्कर मारने की घटना के बाद 15 वर्षीय लड़कों को पुलिस ने पकड़कर किशोर सुधार गृह भेज दिया है.

Kanpur Hit and Run Case

Kanpur Hit and Run Case

बीते 19 मई को कथित तौर पर एक 17 वर्षीय ​लड़के द्वारा चलाई जा रही पोर्श कार ने पुणे के कल्याणी नगर इलाके में दो मोटरसाइकिल सवारों को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई थी. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से सामने आया है

कानपुर पुलिस ने पिछले साल हुए हिट एंड रन के एक मामले में आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि उस वक्त समझौते के बाद उसे छोड़ दिया गया था. खबरों के अनुसार, बीते मंगलवार (21 मई) को एक 15 साल के इस लड़के ने अपनी गाड़ी से चार लोगों को टक्कर मार दी.

इस लड़के पर पहले से ही लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप था. पिछले अक्टूबर में इस लड़के द्वारा चलाए जा रहे एक वाहन की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई थी. कानपुर के बर्रा में हुई ताजा घटना के बाद उसे पकड़ लिया गया और किशोर सुधार गृह भेज दिया गया था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी लड़का कानपुर के एक जाने-माने डॉक्टर का बेटा है. उसे किशोर सुविधा केंद्र में भेज दिया गया और छह महीने पुराने मामले के संबंध में कानूनी कार्यवाही फिर से चालू कर दी गई है. उसके पिता पर भी दोनों दुर्घटनाओं के संबंध में आरोप लगाया गया है.

चार व्यक्ति घायल हुए

मामलें पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को लड़का वाहन चला रहा था, तभी उसकी टक्कर चार व्यक्तियों से हो गई, जिससे वे घायल हो गए. घायलों को नजदीक के अस्पताल में इलाज कराया गया है, जबकि 15 वर्षीय लड़के पर लापरवाही से वाहन चलाने के लिए आईपीसी की धारा 279 और 338 के तहत आरोप लगाया गया.

कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने कहा, ‘मामला हाल ही में हमारे संज्ञान में आया है. हमने अधिकारियों को मामले में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. यह चिंता का विषय है कि एक बच्चा, जिस पर पहले ही कार्रवाई होनी चाहिए थी, फिर से गाड़ी चला रहा है. पिछले साल एक घातक दुर्घटना में शामिल होने के बावजूद उसके माता-पिता उसे फिर से गाड़ी चलाने दे रहे हैं.’

जमानत पर बाहर था

अक्टूबर 2023 में लड़के ने गंगा बैराज पर अपनी तेज रफ्तार कार से दो व्यक्तियों, सागर निषाद और आशीष राम चरण को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी. इस मामले में वह जमानत पर बाहर था.

उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (लापरवाही से मौत का कारण बनना, गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, घटना के तुरंत बाद उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया.

31 मार्च को भी लड़का फिर से इसी तरह की घटना में शामिल था, जहां उसने अपनी कार से चार लोगों को घायल कर दिया. घटना के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 279 और 338 (लापरवाही से गाड़ी चलाना) के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन उसे छोड़ दिया गया.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Live

Also Read

Latest