अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) भारत पर पहले ही 25% टैरिफ लगा चुके हैं. अब 27 अगस्त से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने वाले हैं. यानी अब से 48 घंटे बाद भारत पर कुल 50% टैरिफ लग जाएगा. जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत को किसी प्रकार का छूट देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं. वहीं भारत ने भी अमेरिका को सख्त जवाब दे दिया है. भारत का कहना है कि देश के किसानों के हितों में कोई समझौता नहीं होगा.
पहले पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से कहा था कि, भारत अपने किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. तो वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी दो टूक जवाब दे चुके हैं कि भारत अपने किसानों को बचाने के लिए पूरी कोशिश करता रहेगा. भारत किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करने वाला.
भारत ने ट्रंप के आरोप का दिया मुंहतोड़ जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लगाने पर कहा था कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जिसका उपयोग रूस यूक्रेन में मासूमों की हत्या के लिए कर रहा है. जिसका जवाब देते हुए भारत ने कहा था कि, रूस से तेल भारत ही नहीं, यूरोपीय संघ, चीन और तुर्किये भी खरीद रहे हैं. लेकिन कार्रवाई सिर्फ भारत पर की जा रही है. इसके अलावा अमेरिका भी रूस से बिजनेस कर रहा है, उसे लेकर वो कोई कदम नहीं उठा रहा.
अमेरिका को रणनीतिक रूप से मात देने की तैयारी में भारत
अब भारत अमेरिका की टैरिफ नीति को काउंटर करने की तैयारी कर रहा है. इसी महीने 7 अगस्त को एनएसए अजीत डोभाल और 21 अगस्त को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति से मुलाकात की है. वहीं 17 अगस्त को चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी भारत की यात्रा कर दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की वकालत कर चुके हैं. इसी दौरान भारत और चीन के राजदूतों ने ट्रंप के टैरिफ की संयुक्त रूप से निंदा की और चीन के बाजार को भारत के लिए और खोलने की बात कही.
फिलीपींस के राष्ट्रपति भी आ चुके भारत
इसी बीच फिलीपींस के राष्ट्रपति आर, मार्कोस जूनियर भी भारत की यात्रा पर आ चुके हैं. कूटनीतिक विशेषज्ञ इन मुलाकातों को ट्रंप पर दबाव बनाने की रणनीति मान रहे हैं.
7 अगस्त 2025 को रूस की यात्रा पर गए एनएसए अजीत डोभाल ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी. इस दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई शोइगु ने भारत को रूस का सबसे मजबूत और भरोसेमंद सहयोगी बताया था.
रूस देता रहेगा तेल खरीद पर छूट
इसके बाद 21 अगस्त को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर खुद रूस की यात्रा पर गए और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की. इस दौरान जयशंकर ने कहा कि, दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को और टिकाऊ तरीके से बढ़ाएंगे. रूस के उप व्यापार प्रतिनिधि एवग्रेनी ने भारत के मुक्त व्यापार नीति की प्रशंसा की और कहा कि, रूस भारत को तेल पर छूट देता रहेगा.
भारत और चीन कैसे दे सकते हैं अमेरिका को मात
भारत पर अमेरिका के द्वारा लगाये गए टैरिफ से भारतीय निर्यात को काफी नुकसान पहुंचने की संभावना है. लेकिन भारत के फॉर्मा एक्सपोर्ट को अमेरिका ने टैरिफ से बाहर रखा है. इसका कारण है कि अमेरिका अपनी जरूरत की दवाओं से लेकर ब्लड प्रेशर और यौन स्वास्थ्य की दवाओं की सप्लाई के लिए भारत पर निर्भर है.
अमेरिका में जेनरिक दवाओं की मांग का 60% और कुछ में तो 98% हिस्सा भारत से एक्सपोर्ट होता है. वहीं इंजेक्टेबल दवा 20%, बीपी की दवा 78%, यौन दवाएं (वियाग्रा) 98% और एंटी बायोटिक्स जैसी दवाओं के लिए अमेरिका भारत पर निर्भर है.
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ट्रंप का अमेरिका में हो रहा विरोध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति का अमेरिका में भी विरोध हो रहा है. अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री जॉन केरी ने ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना करते हुए कहा कि ट्रंप अपनी नीतियों से अमेरिका के महत्वपूर्ण सहयोगियों को दूर कर रहा है.
वहीं अमेरिका के पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन ने भी भारत पर लगाये गए टैरिफ का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों को दरकिनार करने की नीति पर काम कर रहा है.
ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए अमेरिकी मीडिया ने कहा कि, ट्रंप अपनी टैरिफ नीति से भारत को चीन की तरफ धकेल रहे हैं. जिसका खामियाजा अमेरिका को भुगतना होगा.
– भारत एक्सप्रेस
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