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Aaj ka Mausam: मार्च का आखिरी हफ्ता शुरू होने को है, लेकिन कुदरत के तेवर देखकर ऐसा लग रहा है मानो हम मार्च में नहीं बल्कि जनवरी की कड़ाके की ठंड में जी रहे हों. होली के हुड़दंग के बीच जिस गर्मी ने दस्तक दी थी, उसे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने पूरी तरह गायब कर दिया है. आज यानी 22 मार्च को देश के 19 राज्यों में आंधी-बारिश का ऐसा चक्रव्यूह बना है कि मौसम विभाग को ‘ऑरेंज अलर्ट’ तक जारी करना पड़ा है.
कहीं 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं डरा रही हैं, तो कहीं घने कोहरे ने विजिबिलिटी जीरो कर दी है. आइए जानते हैं कि आपके शहर और राज्य में अगले 5 दिनों तक मौसम क्या गुल खिलाने वाला है.
दिल्ली-NCR: मार्च में जनवरी जैसी ठिठुरन
दिल्ली और हरियाणा के लोगों के लिए आज की सुबह किसी सरप्राइज से कम नहीं थी. दिल्ली में शनिवार को कोहरा इतना घना था कि न्यूनतम तापमान गिरकर 13 डिग्री तक पहुंच गया. हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे, जहां लोगों को एक बार फिर से जैकेट और कंबल निकालने पड़ गए.
मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में आज रविवार को बादल छाए रहेंगे, लेकिन असली ‘पिक्चर’ सोमवार (23 मार्च) को शुरू होगी. कल दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की पूरी आशंका है. इस दौरान हवाएं 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जो ट्रैफिक और कमजोर छतों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं.
UP-बिहार: बिजली गिरने का खतरा
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है. पूर्वी यूपी के गोरखपुर, देवरिया और बलिया जैसे जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है. वहीं बिहार में पटना से लेकर भागलपुर तक आकाशीय बिजली गिरने का संकट मंडरा रहा है.
मौसम विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि आंधी-तूफान के दौरान ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें. बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
MP और राजस्थान: कहीं गर्मी तो कहीं धूल भरी आंधी
मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में सूरज अब अपनी तपिश दिखाने लगा है. यहां मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से दोपहर के समय लू (Heatwave) जैसी स्थिति बनने लगी है. हालांकि, राजस्थान में कहानी थोड़ी अलग है. जोधपुर, बीकानेर और शेखावाटी के इलाकों में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण आज हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है.
पहाड़ों का हाल: बर्फबारी का पांचवां दिन
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले पांच दिनों से लगातार हिमपात हो रहा है. हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी ने पारा शून्य से नीचे पहुंचा दिया है. हालांकि आज थो़ड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन 23 से 27 मार्च तक यहां फिर से बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू होने वाला है. उत्तराखंड में भी 23 मार्च को 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
क्यों हो रहा ऐसा दुर्लभ बदलाव?
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अजीबोगरीब मौसम एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के टकराने का नतीजा है. जब पहाड़ों की बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों की गर्मी से मिलती हैं, तो वातावरण में एक अस्थिर सिस्टम बनता है. यही कारण है कि 19 राज्यों में एक साथ तूफानी हवाओं और बारिश का तांडव देखने को मिल रहा है.
कब होगी तपती गर्मी की वापसी?
बता दें कि 27 मार्च के बाद मौसम फिर पलटी मारेगा. उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान धीरे-धीरे 3 से 8 डिग्री तक बढ़ सकता है. अप्रैल की शुरुआत होते-होते गर्मी अपने असली तेवर दिखाना शुरू कर देगी.
बदलता मौसम और सर्दी-जुकाम की आहट
बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार का खतरा बढ़ गया है. बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें. अगर आप कल यानी सोमवार को ऑफिस या जरूरी काम से बाहर जा रहे हैं, तो रेनकोट या छाता साथ रखना न भूलें.
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-भारत एक्सप्रेस
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