Iran Israel war Acharya Pramod Krishnam statement: भारत एक्सप्रेस की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित मेगा कॉन्क्लेव की दिल्ली में शुरुआत हो चुकी है. कॉन्क्लेव के पहले सेशन में कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने ईरान-इजरायल युद्ध पर अपने विचार रखते हुए युद्ध की कठोर अवेहलना की. इस दौरान प्रमोद कृष्णन ने कहा कि युद्ध में कुछ नहीं बस इंसानियत मारी जा रही है.
ईरान-इजरायल वॉर पर क्या बोले प्रमोद कृष्णन?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भारत एक्सप्रेस द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव के मंच से ईरान- इजरायल युद्ध की कठोर अवेहलना करते हुए कहा कि युद्ध किसी बात का समाधान नहीं है. इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और भारत की सरकार की तरफ़ से यूनाइटेड नेशन में एक संयुक्त शांति प्रस्ताव जाना चाहिए. जिसके मानवता की जीत हो सके. आगे उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शान्ति का समर्थक रहा है. और आज विश्व में जो हालात हैं ऐसी स्थिति में भारत को विश्व शांति में अपना अमूल्य योगदान निभाने की जरूरत है.
21 वीं शताब्दी युद्ध नहीं बुद्ध के लिए
वहीं अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने ईरान-इजरायल युद्ध पर बोलते हुए कहा कि 21 वीं शताब्दी युद्ध लिए नहीं बुद्ध के लिए समर्पित है. आगे युद्ध पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुनियां की कोई भी ऐसी चीज़ नहीं जिसका समाधान वार्ता से नहीं हो सकता. युद्ध किसी भी स्थिति में समाधान नहीं हो सकता.
भारत की भूमिका पर जोर
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनने का दावा करना है तो युद्ध के समय शांति का संदेश देना होगा. उन्होंने कहा कि भारत की आवाज UN में गूंजनी चाहिए ताकि मानवता की जीत हो सके. दोनों वक्ताओं ने युद्ध रोकने और बातचीत से समस्याओं के समाधान की अपील की.
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-भारत एक्सप्रेस
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