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राजनीति में संस्कार की मिसाल बने सिंधिया, आचार्य प्रमोद कृष्णम का राहुल गांधी पर तंज, कहा- काश ये संस्कार राहुल में होते

भोपाल के रातीबड़ में हुए एक निजी कार्यक्रम में जो नजारा देखने को मिला उसने सबको चौंका दिया और दिल भी छू लिया है. इस घटना पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी पर तंज कसा है.

मध्य प्रदेश की राजनीति में दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की जुबानी जंग किसी से छुपी नहीं है. चुनावी माहौल हो या कोई बयानबाज़ी का मौका दोनों नेता अक्सर एक-दूसरे पर तीखे तंज कसते रहे हैं. लेकिन भोपाल के रातीबड़ में हुए एक निजी कार्यक्रम में जो नजारा देखने को मिला उसने सबको चौंका दिया और दिल भी छू लिया है.

दिग्विजय सिंह के प्रति सिंधिया का सम्मान

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे. मंच पर बैठने के बाद उनकी नजर सामने बैठे पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) पर पड़ी जो अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में आए थे. सिंधिया ने बिना देर किए मंच से उतरकर सीधे दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के पास जाकर हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा, “माफ कीजिए, मैं आपको देख नहीं पाया.”

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इतना ही नहीं, सिंधिया ने दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) का हाथ पकड़कर उन्हें मंच तक ले गए और उनके लिए सम्मानपूर्वक जगह दी. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से दोनों नेताओं का स्वागत किया. राजनीति में जहां कटाक्ष और बयानबाज़ी आम बात है, वहां सिंधिया का यह विनम्र व्यवहार सबके दिल को छू गया.

आचार्य प्रमोद कृष्णम का राहुल गांधी पर निशाना

इस घटना पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने वीडियो को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि,

“काश ये संस्कार राहुल गांधी में होते, तो बुजुर्ग नेताओं को ‘लंगड़ा घोड़ा’ ना कहते. उन्हें सिंधिया से कुछ तो सीखना चाहिए.”

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सम्मान और संस्कार कभी नहीं खोने चाहिए. सिंधिया का यह व्यवहार न सिर्फ दिग्विजय सिंह के लिए सम्मानजनक था बल्कि पूरे समाज के लिए एक मिसाल भी बन गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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