TVK Vijay Rally Stampede: तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार को हुई तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की रैली में भगदड़ मच गई. इस हादसे में अब तक 39 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस और प्रशासन घटनास्थल पर तुरंत पहुंच गए.
भीड़ में भूख-प्यास से बेहाल लोग
शुरुआती जांच में पता चला कि रैली दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित की जानी थी. लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय केवल शाम 7 बजे के बाद पहुंचे. इससे पहले वहां जुटी भीड़ लगातार बढ़ती रही. सात घंटे तक इंतजार करने से लोग भूख-प्यास से बेहाल हो गए. कई लोग बेहोश हुए। विजय ने अपने भाषण को बीच-बीच में रोककर पानी और राहत की अपील की.

कैसे मची अफरा-तफरी?
रैली के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई. इससे भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. कई लोग सड़क किनारे निचले नाले में गिर गए. कुछ छप्पर की छतों पर चढ़ गए और गिर गए. मौके पर जूतों के ढेर, कुचली हुई बोतलें और बिखरा मलबा देखा गया.
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पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
डीजीपी जी वेंकटरमन ने बताया कि आयोजकों ने 10 हजार लोगों की उम्मीद जताई थी, लेकिन करीब 27 हजार लोग रैली में मौजूद थे. सुरक्षा के लिए 500 पुलिसकर्मी तैनात थे. भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस और आयोजक नियंत्रण खो बैठे.
पीड़ितों और परिवारों की आपबीती
एक पीड़ित के रिश्तेदार ने बताया कि उनके 11 और 7 साल के दो बच्चे मौके पर दम घुटने से मरे. अन्य परिवारों ने भी सुरक्षा और पानी की कमी का आरोप लगाया.
नेताओं और अस्पतालों की प्रतिक्रिया
विजय ने सोशल मीडिया पर पीड़ितों के प्रति दुख व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चेन्नई से करूर पहुंचे और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने का भरोसा दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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