अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर से पहले, अदाणी फाउंडेशन ने नई दिल्ली में महिलाओं के सशक्तिकरण को तेजी से बढ़ावा देने के लिए पहली राष्ट्रीय स्तर की गोलमेज चर्चा का आयोजन किया. इस आयोजन में कई महत्वपूर्ण हितधारकों ने भाग लिया और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नई रणनीतियाँ बनाई. इस अवसर पर फाउंडेशन ने अपने ‘बटरफ्लाई इफेक्ट’ फ्रेमवर्क का अनावरण भी किया, जो महिलाओं की जीवन के विभिन्न चरणों में बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है.
महिला सशक्तिकरण के लिए नया दृष्टिकोण
यह गोलमेज चर्चा महिलाओं के केंद्रित कार्यक्रमों के प्रभाव और उनकी पहुंच को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनी. इसके साथ ही, यह अवसर नया सहयोग और साझेदारी की पहचान करने का भी था ताकि भारत के सभी आयु समूहों में महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाया जा सके.
अदाणी फाउंडेशन 1996 से महिलाओं के सशक्तिकरण में समर्पित है और उन्होंने महिलाओं की सभी जीवन स्थितियों के लिए लक्षित पहलें शुरू की हैं. इन पहलों में शिशु अवस्था, किशोरावस्था, युवावस्था, मध्य आयु, और वृद्धावस्था शामिल हैं, ताकि महिलाओं को समाज में समान अवसर मिलें और उनके जीवन स्तर को बेहतर किया जा सके.
महिलाओं को केंद्र में रखकर समग्र विकास
फाउंडेशन का यह दृष्टिकोण शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा, कौशल निर्माण, और दीर्घकालिक परिणामों के माध्यम से महिलाओं को स्व-निर्भरता, अधिकार और स्वतंत्रता प्रदान करने पर केंद्रित है. इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, टिकाऊ आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है, जिससे वे अपने और अपने परिवारों के लिए सार्थक विकल्प चुन सकें.
‘बटरफ्लाई इफेक्ट’ फ्रेमवर्क इस समग्र दृष्टिकोण का प्रतीक है, जिसमें महिलाओं को सभी पहलों के केंद्र में रखा गया है और विभिन्न जीवन चरणों में उनके विकास, स्व-निर्भरता और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है.
S.H.E. रिपोर्ट का अनावरण
इस आयोजन के दौरान, अदाणी फाउंडेशन ने अपनी ‘सपोर्टिंग हर एक्सपोनेंशियल एंपावरमेंट’ (S.H.E.) रिपोर्ट भी जारी की, जो फाउंडेशन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से दर्शाती है. यह रिपोर्ट फाउंडेशन के समग्र दृष्टिकोण पर आधारित है और यह दिखाती है कि कैसे ये पहलें पूरे देश में महिलाओं को सशक्त बना रही हैं.
2 मिलियन से अधिक महिलाओं का जीवन बदला
अदाणी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ. अभिषेक लखटाकिया ने कहा, “हमारी पहलें महिलाओं के हर जीवन चरण में अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, ताकि वे विकास, कल्याण और सशक्तिकरण का अनुभव कर सकें. यह उद्घाटन राउंडटेबल चर्चा महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य को और आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.”
फाउंडेशन के इस समग्र दृष्टिकोण के जरिए, महिलाओं के जीवन में ‘समावेशी’, ‘टिकाऊ’ और ‘परिवर्तनीय’ बदलाव लाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. अब तक फाउंडेशन ने अपनी समर्पित कोशिशों से 2 मिलियन से अधिक लड़कियों और महिलाओं के जीवन को सकारात्मक रूप से बदलने में मदद की है.
अदाणी फाउंडेशन के बारे में
अदाणी फाउंडेशन, अदाणी ग्रुप की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा, 1996 से भारत में टिकाऊ परिणामों के लिए सामाजिक निवेशों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखे हुए है. यह शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, टिकाऊ आजीविका, जलवायु परिवर्तन और सामुदायिक विकास के मुख्य क्षेत्रों में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के जीवन को सशक्त और समृद्ध बना रहा है. फाउंडेशन की रणनीतियाँ राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों में समाहित हैं. वर्तमान में, अदाणी फाउंडेशन 19 राज्यों के 6,769 गांवों में कार्य कर रहा है और 9.1 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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