आजादी के बाद भी महिलाओं पर थी पाबंदी! फिर एक फैसले ने देश की आधी आबादी को दिया IAS-IPS बनने का हक
17 जुलाई 1948 भारतीय इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जब महिलाओं को IAS, IPS और अन्य सार्वजनिक सेवाओं की परीक्षाओं में शामिल होने का अधिकार मिला.
महिला आरक्षण की बहस में ‘Women in the Womb of Time’: प्राचीन भारतीय नारी शक्ति की पुनर्खोज
यह किताब केवल अतीत की खोज नहीं है, बल्कि भारतीय नारीवाद की जड़ों को फिर से समझने और उसे आधुनिक बहस से जोड़ने का प्रयास है. लेखक मुकुल कुमार प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के जरिए यह दिखाते हैं कि भारत में महिलाएं हमेशा से शिक्षा, राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रही हैं.
नारी शक्ति से नव भारत तक, प्रधानमंत्री मोदी का वादा- महिला सशक्तिकरण के बिना भारत निर्माण अधूरा
भारत के विकास की कहानी तब तक अधूरी है जब तक उसमें महिलाओं की भूमिका को उचित स्थान नहीं दिया जाता. ‘नारी शक्ति से नव भारत तक’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र निर्माण का संकल्प है.
महिला आरक्षण पर केंद्र की सुस्ती से सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूछा- ‘सरकार की तरफ से कोर्ट में कौन है?’
विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार के जवाब दाखिल नहीं करने से सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वकील की अनुपस्थिति पर भी अदालत ने सवाल उठाया है.
आरक्षण तो मिल गया, पर ‘आज़ादी’ कब? चलम की किताब से पीएम मोदी के संकल्प तक का सच
चलम ने अपनी रचनाओं में स्त्री को केवल माता, पत्नी या बहन के पारंपरिक रूपों में सीमित करने से इनकार किया. उन्होंने स्त्री को एक स्वतंत्र, इच्छाशक्ति-संपन्न और कामुक व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया.
Republic Day 1975: ना तालियां, ना रियायत, किरण बेदी ने हक से बदला इतिहास
26 साल की उम्र में किरण बेदी ने लिंगभेद के खिलाफ खड़े होकर इतिहास रच दिया. 26 जनवरी 1975 को उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली पुलिस की पूरी पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व किया और साबित कर दिया कि नेतृत्व जेंडर नहीं, हौसले से तय होता है.
सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 पर सुनवाई के दौरान सावधानी बरतने का दिया संकेत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादी के बाद महिला का गोत्र बदलता है और उसके संपत्ति अधिकारों पर ससुराल का भी हक बन सकता है. अदालत ने महिलाओं के अधिकार और सामाजिक संरचना के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने जेएसी में पुरुषों और महिलाओं के लिए सीटों को आरक्षित करने की नीति को रद्द करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सेना की जज एडवोकेट जनरल (JAG) शाखा में पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग सीट आरक्षण नीति को असंवैधानिक करार दिया. कोर्ट ने लैंगिक तटस्थता के सिद्धांत पर जोर देते हुए सबसे योग्य उम्मीदवारों के चयन का आदेश दिया.
नारीत्व क्या है? Divya Dutta बोलीं — इसका मतलब है अपनी जिंदगी के फैसले स्वतंत्र रूप से लेने की आजादी और समानता
What is Femininity: दिव्या दत्ता ने नारीत्व को परिभाषित करते हुए कहा, "नारीत्व का मतलब है- अपनी जिंदगी के फैसले स्वतंत्र रूप से लेने की आजादी और समानता." उन्होंने अपनी मां से मिली आजादी का जिक्र किया.
दिल्ली हाईकोर्ट ने बैडमिंटन संघ की अधिसूचना पर खेल मंत्रालय को निर्देश दिए, महिला पैरा-एथलीटों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय बैडमिंटन संघ की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्रीय खेल मंत्रालय को निर्देश दिए, महिला पैरा-एथलीटों को समान अवसर और स्लाट सुनिश्चित करने की बात की.





