नामीबिया के साथ भारत ने किए कई अहम समझौते.
भारत और नामीबिया के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के विस्तार को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है. बुधवार को विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि भारत की नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और नामीबिया के सेंट्रल बैंक (Bank of Namibia) के बीच UPI के लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस समझौते के तहत, नामीबिया भारत की रीयल-टाइम भुगतान तकनीक UPI को अपनाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है.
UPI अपनाने वाला नामीबिया पहला देश
विदेश सचिव (ईस्ट) डम्मु रवि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नामीबिया यात्रा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “नामीबिया पहला देश है जहां NPCI और वहां का केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ नामीबिया, UPI के उपयोग के लिए एक लाइसेंसिंग समझौते में शामिल हुए हैं. यह डिजिटल क्षेत्र में सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम है.”
उन्होंने आगे कहा, यह साझेदारी NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और बैंक ऑफ नामीबिया के बीच हुई है, जिसका उद्देश्य नामीबिया की वित्तीय संरचना को आधुनिक बनाना और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना है. इस प्रणाली से नामीबिया में वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन मिलेगा और नगद पर निर्भरता घटेगी.
पीएम मोदी ने नामीबियाई संसद को किया संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी ने भी नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए इस डिजिटल परिवर्तन की सराहना की. उन्होंने कहा, “अब लोग ‘तानगी उनेने’ कहने से भी तेज़ पैसे भेज सकेंगे. जल्द ही कुनैने की एक हिम्मा दादी या कटुतुरा के एक दुकानदार भी केवल एक टैप में डिजिटल हो जाएंगे, एक स्प्रिंगबोक की रफ्तार से भी तेज़.”
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यह पहली बार है जब NPCI इंटरनेशनल ने किसी विदेशी केंद्रीय बैंक के साथ मिलकर UPI को लागू करने का समझौता किया है. यह भारत की डिजिटल शक्ति और तकनीकी नेतृत्व का प्रतीक है. प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी-नदाइत्वाह से एकांतवार्ता की और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताओं में भी भाग लिया. इसके साथ ही उन्होंने नामीबिया के प्रथम राष्ट्रपति और राष्ट्रपिता डॉ. सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि भी अर्पित की.
पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एनशिएंट वेलविचिया मिराबिलिस” से भी सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार 1995 में स्थापित किया गया था और इसका नाम एक दुर्लभ रेगिस्तानी पौधे वेलविचिया मिराबिलिस पर रखा गया है, जो स्थायित्व और दृढ़ता का प्रतीक है. यह पीएम मोदी को प्राप्त हुआ 27वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, और उनकी इस यात्रा के दौरान उन्हें मिला चौथा पुरस्कार है.
-भारत एक्सप्रेस
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