दिल्ली हाईकोर्ट से अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित आरोपी बिचौलिए और ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को बडी राहत मिली है.
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने क्रिशयन मिशेल जेम्स को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है. अब मिशेल का जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. क्योंकि सीबीआई के मामले में सुप्रीम कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है. पिछले दिनों कोर्ट ने दोनों पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रखा था.
ईडी की ओर से पेश जोहेब हुसैन ने मिशेल की ओर से दायर जमानत याचिका का विरोध किया था. ईडी के वकील ने कहा था कि मिशेल को सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ सीबीआई के मामले में जमानत दी है. ईडी के मामले में नहीं.
ईडी ने कोर्ट से एक बार फिर कहा था कि मिशेल एक ब्रिटिश नागरिक है, इसलिए वह भाग सकता है. वही मिशेल की ओर से पेश वकील अल्जो जोसेफ ने कहा था, मेरा पासपोर्ट पहले ही समाप्त हो चुका है, मेरे पास पासपोर्ट नही है, जमानत मिलने के बाद अगर ट्रायल कोर्ट शर्त लगाता है तो, मुझे बाहर आने शर्ते लगाता है, तो मुझे बाहर आने में समय लगेगा. अगर जमानत मिल जाती है तो मैं ट्रायल कोर्ट की अनुमति लेकर बाहर आ सकता हूं और पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकता हूं. फिर मुझे वीजा के लिए आवेदन करना होगा.
मिशेल के वकील कहा था कि अधिकतम सजा पूरी करने के बाद मैं भाग जाऊ या रहूं, इससे क्या फर्क पड़ता है. सुप्रीम कोर्ट ने मिशेल को यह कहते हुए जमानत दे दिया था कि 25 वर्षों में मुकदमा पूरा नहीं हो सकता है. मिशेल को 4 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि प्राथमिकी 2013 में दर्ज की गई थी.
इस मामले में कुल 60 आरोपी शामिल है. जिनमें से 21 ने न तो जांच में शामिल हुए है और न ही उन्हें आज तक ईडी द्वारा समन जारी किया गया है. अभियोजन पक्ष की पहली शिकायत 24 नवंबर 2014 को दायर की गई थी. जबकि 21 नवंबर 2024 को 12 वी सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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