ahmedabad plane crash
Ahmedabad Plane Crash: 12 जून 2025 को अहमबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट बोइंग 171 क्रैश हो गई थी. इस हादसे की जांच रिपोर्ट अब सामने आ चुकी है.
भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो के मुताबिक फ्लाइट बोइंग 171 के उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद विमान के दोनों इंजन बंद हो गए. जिससे प्लेन हादसे का शिकार हो गई. जांच में ये भी बताया गया है कि फ्लाइट उड़ान भरने के महज 32 सेकेंड बाद ही क्रैश हो गई.
AAIB की रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़ान भरने से क्रैश होने तक फ्लाइट सिर्फ 1.6 किलोमीटर की ही दूरी तय कर पाई थी. AAIB ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है. जिसमें बताया है कि उड़ान के कुछ ही देर बाद विमान का फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUT OFF’ मोड पर चला गया. जिसकी वजह से ये हादसा हो गया.
AAIB की रिपोर्ट आने के बाद लोग फ्यूल कंट्रोल स्विच के बारे में सर्च कर रहे हैं. चलिये जानते हैं कि आखिर ये फ्यूल कंट्रोल स्विच क्या होता है और काम कैसे करता है.
फ्यूल कंट्रोल स्विच का क्या है काम?
फ्यूल कंट्रोल स्विच का मुख्य काम विमान में इंजन की सप्लाई को नियंत्रित करना होता है. इसमें दो मोड होते हैं. पहला होता है ‘RUN’. जिसका काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई लगातार देना. और दूसरा होता है ‘CUT OFF’. इसका काम होता है इंजन में फ्यूल की सप्लाई को रोकना. फ्यूल कंट्रोल स्विच को कॉकपिट में बैठा पायलट मैनुअल तरीके से कंट्रोल करता है.
कब होता है ‘RUN’या ‘CUT OFF’का उपयोग?
जब विमान को उड़ान भरने के लिए तैयार किया जाता है. तब फ्यूल कंट्रोल स्विच को ‘RUN’ मोड में रखा जाता है. रन मोड में इंजन चालू रहता है और थ्रस्ट उत्पन्न करता है.
वहीं फ्यूल कंट्रोल स्विच को कटऑफ मोड में तब लाया जाता है, जब विमान को बंद करना होता है या कोई आपातकालीन स्थिति जैसे विमान में आग लग जाना जैसी घटनाएं हो जाती हैं.
बोइंग 787 फ्यूल कंट्रोल स्विच को खास तरीके से किया गया है डिजाइन
किसी भी विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है. इसका कंट्रोल कॉकपिट में ऐसी जगह पर रखा जाता है जहां पर गलती की गुंजाइश ना हो. इसी को लेकर बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान ने इसे खास तरीके से डिजाइन किया है. ताकि गलती से भी ये ऑफ या ऑन ना हो सके.
ड्रीमलाइनर में फ्यूल कंट्रोल स्विच को रन या कटऑफ करने के लिए सबसे पहले स्विच के चारों तरफ लगे स्प्रिंग-लोडेड ब्रैकेट्स को हटाना होता है. जिसके बाद ही इसे ऑन या ऑफ किया जा सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार ड्रीमलाइनर विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच का मोड चेंज करने के लिए सबसे पहले स्विच को ऊपर खींचना होता है. फिर कटऑफ से रन या रन से कटऑफ की तरफ मोड़ना होता है.
AAIB की जांच रिपोर्ट में ये बात आई सामने
AAIB की जांच रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि बोइंग 171 विमान हादसे में पायलटों को फ्यूल कंट्रोल स्विच के बारे में बात करते सुना गया है. जिसमें एक पायलट दूसरे पायलट से कहता है कि कि, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया. तो दूसरा पायलट जवाब देता है कि मैंने कुछ नहीं किया”.
इससे ये स्पष्ट होता है कि इस हादसे में कहीं ना कहीं फ्यूल स्विच कंट्रोल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच को गलती से बंद नहीं किया जा सकता. इसे जानबूझकर स्विच को कटऑफ से रन की स्थिति या रन से कटऑफ की स्थिति में लाया जाता है.
इस हादसे में अब ब्लैक बॉक्स के गहन अध्ययन से ही पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है.
– भारत एक्सप्रेस
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