पर्ची निकालकर लोगों का भविष्य बताने का दावा करने वाले बाबा बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री आए दिन चर्चाओं में रहते हैं. अभी हाल ही में सपा सुप्रीमो ने उनपर अंडर टेबल पैसे लेने का आरोप लगाया है. जिसके बाद एक बार फिर धीरेंद्र शास्त्री चर्चा में आ गए हैं. हालांकि चर्चा में आना बाबा बागेश्वर के लिए नई बात नहीं है. वो अपने बयानों से कई बार विवाद पैदा कर चुके हैं.
बाबा बागेश्वर के वो 5 विवादित बयान, जिन्होंने मचा दी सियासी गलियारों में हलचल…
‘जो मरेगा मोक्ष जाएगा’
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में हुई भगदड़ में 50 श्रद्धालुओं की मौत के बाद दिए अपने बयानों की वजह से बाबा बागेश्वर की काफी फजीहत हुई. उन्होंने कहा था कि गंगा के किनारे किसी की मौत नहीं होता है. यहां जो मरता है, वह मोक्ष को प्राप्त करता है.
उनके इस बयान के बाद सड़क से लेकर संसद तक मामला खूब गरमाया था. सोशल मीडिया पर लोगों ने बाबा के इस बयान पर खूब खरी खोटी सुनाई थी. बाबा बागेश्वर ने इसके लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया था.

“बिहार से हिन्दू राष्ट्र का बिगुल बजेगा”
बाबा बागेश्वर ने बिहार में अपना एक दरबार लगाया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार से हिंदू राष्ट्र का बिगुल बजेगा. कागजों पर नहीं हिंदुओं के दिल में हिंदू राष्ट्र बनाना है. जिससे सनातन, संत, हिंदुओं पर कोई उंगली ना उठा पाए. मंदिरों को तोड़े ना, और ना ही हिंदुओं को जातियों में तोड़े.
बाबा बागेश्वर के इस बयान पर बिहार में खूब सियासी घमासान देखने को मिला. उस समय विपक्ष ने सीएम नीतीश कुमार से बाबा बागेश्वर दरबार बंद करने का अनुरोध किया. वहीं कथित तौर पर राजद कार्यकर्ताओं ने पटना में लगे बाबा बागेश्वर के पोस्टर को फाड़ दिया.

“अभी तो 20 % हैं 50% होने पर बेटियों को उठा लेंगे”
संभल में एक यात्रा के दौरान बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने मुसलमानों को टारगेट करते हुए कहा था कि अभी तो ये 20 फीसदी हैं. जिस दिन 50 फीसदी हो जाएंगे. उस दिन बेटियों को उठा लेंगे. उन्होंने कहा कि देश में 100 करोड़ हिंदू हैं एक करोड़ सड़कों पर आना चाहिए.
बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद देश का सियासी पारा चढ़ गया. लोगों ने बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया और सरकार से सख्त एक्शन लेने की मांग की.
जो महाकुंभ नहीं आएगा वो देशद्रोही होगा
प्रयागराज महाकुंभ में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिये. जो नहीं आएगा वो पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा. धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद लोगों ने उन्हें टारगेट करना शुरू कर दिया.
शहडोल में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आपराधिक परिवाद दर्ज कराया गया. जिसमें उनके इस बयान को भड़काऊ और असंवैधानिक बताया गया. धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार को सीधे टारगेट करना शुरू कर दिया. जिससे बीजेपी सरकार बैकफुट पर आ गई.

अली-बजरंगबली का कमेंट पड़ गया था भारी
बागेश्वर धाम पीठ के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार अपनी कथा वाचन के दौरान कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय पर विवादित टिप्पणी की थी. जिसमें उन्होंने अली-बजरंगबली जैसे शब्दों का जिक्र किया था. मुसलमानों के खिलाफ उनके कथित टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. जिसके बाद मुस्लिम समुदाय ने प्रदर्शन कर बाबा बागेश्वर धाम के महंत के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करने लगे.
मुस्लिम समुदाय का उनकी टिप्पणी पर रुख देखकर धीरेंद्र शास्त्री बैकफुट पर आ गए. उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि “हजरत अली अहिंसा के पुजारी थे. मैंने उनके बारे में पढ़ा है और हम सभी देवताओं का सम्मान करते हैं.”
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