Amanatullah Khan on Tahir Hussain: फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए खौफनाक दंगों के दौरान आईबी अफसर अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. अब 6 साल बाद दिल्ली की एक अदालत ने इस खौफनाक मर्डर केस में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 लोगों को दोषी करार दिया है. लेकिन, इस फैसले के आते ही दिल्ली की सियासत में एक नया भूचाल आ गया है. ‘आप’ के कद्दावर नेता और विधायक अमानतुल्लाह खान ने कातिल ताहिर हुसैन के लिए सरेआम अपना दर्द जाहिर कर दिया है.
अमानतुल्लाह खान बोले- ‘मैं बहुत दुखी हूं’ (Amanatullah Khan Said For Tahir Hussain)
अदालत का फैसला आने के बाद आम आदमी पार्टी के मुस्लिम चेहरे अमानतुल्लाह खान ने ताहिर हुसैन के पक्ष में बयान देकर सबको चौंका दिया. अमानतुल्लाह ने कहा कि आज अदालत के जरिए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों में दोषी करार दिए जाने पर बहुत दुखी हूं. अल्लाह उसके घरवालों को सब्र अता करे. हमारा कानून पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि ताहिर हुसैन को ऊपरी अदालत (High Court) से इंसाफ जरूर मिलेगा.
#WATCH दिल्ली: दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन दोषी करार दिए जाने पर AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा, “यह फ़ैसला सेशन कोर्ट से आया है और उम्मीद है कि इसके ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में अपील की जाएगी, जहाँ न्याय मिलने की उम्मीद है…” pic.twitter.com/q7aHCYOMQY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 13, 2026
आम आदमी पार्टी ने झाड़ा पल्ला
अमानतुल्लाह (AAP MLA Amanatullah Khan) के इस बयान से मचे बवाल के बीच, आम आदमी पार्टी ने तुरंत डैमेज कंट्रोल करते हुए ताहिर हुसैन से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया. पार्टी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया कि 27 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर ताहिर हुसैन को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था. ‘आप’ ने यह भी दावा किया कि ताहिर हुसैन ने बाद में दिल्ली विधानसभा चुनाव AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी) के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था, जिससे मुस्तफाबाद सीट पर मुस्लिम वोट बंटे और बीजेपी को फायदा हुआ.
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6 साल बाद मिला न्याय, नाले में मिली थी लाश
आपको बता दें कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन के अलावा हसीन (मुल्लाजी), नजीम, कासिम और समीर खान को आईबी अफसर की हत्या का दोषी ठहराया है. फरवरी 2020 में सीएए (CAA) के विरोध में भड़की हिंसा के दौरान अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और उनका शव चांद बाग पुलिया इलाके में खजूरी खास के एक नाले से बरामद हुआ था. इन दंगों में 53 लोगों की जान गई थी.
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