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‘1857 को विद्रोह कहना इतिहास से अन्याय, ये थी आजादी की पहली लड़ाई’, अंबाला में शहीद स्मारक के उद्घाटन पर बोले गृह मंत्री अमित शाह

अंबाला में शहीद स्मारक के उद्घाटन के दौरान अमित शाह ने कहा कि 1857 की क्रांति कोई विद्रोह नहीं बल्कि भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम था. उन्होंने वीर सावरकर और 1857 के महान सेनानियों को याद करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के अंबाला कैंट स्थित गांधी मैदान में बने शहीद स्मारक का उद्घाटन किया. इस मौके पर बड़ी जनसभा का आयोजन हुआ, जहां उन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन और 1857 की क्रांति पर विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि यह स्मारक उन वीरों को समर्पित है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए.

1857 को विद्रोह बताना इतिहास के साथ अन्याय

जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि 1857 की घटना को केवल विद्रोह कहना सही नहीं है. उनके अनुसार अंग्रेजी सोच से प्रभावित वामपंथी इतिहासकारों ने इसे विद्रोह के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि वीर सावरकर ने इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के रूप में देश के सामने रखा. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की नजर में यह बगावत रही होगी, लेकिन भारत माता के सपूतों के लिए यह आजादी की पहली बड़ी लड़ाई थी.

शहीदों को किया नमन

गृह मंत्री ने कहा कि 1857 के महान संघर्ष में अनेक वीरों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने नाना साहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, वकील अजीमुल्लाह खान, बेगम हजरत महल और अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. शाह ने कहा कि देश इन महान योद्धाओं के योगदान को कभी नहीं भूल सकता.

युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा स्मारक

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक पूरी तरह आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक वह अपनी स्वतंत्रता के महत्व और उसके लिए बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान नहीं करता. उन्होंने कहा कि इतिहास के इन सुनहरे अध्यायों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है. उनके मुताबिक अंबाला में तैयार हुआ यह स्मारक आने वाले समय में युवाओं और बच्चों के लिए देशभक्ति की प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा.

मनोहर लाल और सैनी सरकार के प्रयासों की सराहना

गृह मंत्री ने कहा कि लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता अब पूरी हुई है. उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से 1857 के क्रांतिकारियों की याद में यह भव्य स्मारक तैयार हो सका है. उन्होंने इसे हरियाणा और देश के लिए गौरव का विषय बताया.

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी जताया गर्व

कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि अंबाला की धरती पर आज इतिहास, वीरता और राष्ट्रीय सम्मान का नया अध्याय जुड़ा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि इस महत्वपूर्ण स्मारक का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों हुआ है.

अमित शाह की राजनीतिक यात्रा का किया जिक्र

नायब सिंह सैनी ने अमित शाह की संगठनात्मक क्षमता की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि एक समय विद्यार्थी परिषद के साधारण कार्यकर्ता के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले अमित शाह ने अपनी मेहनत, समर्पण और संगठन कौशल के बल पर शीर्ष नेतृत्व तक का सफर तय किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को देश के कोने-कोने तक मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज पार्टी दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक संगठनों में गिनी जाती है.

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राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन

अंबाला में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्मारक के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद करने और नई पीढ़ी को उनके बलिदानों से परिचित कराने का अवसर भी बना. कार्यक्रम के दौरान 1857 के वीर सपूतों के योगदान को याद करते हुए राष्ट्रभक्ति और ऐतिहासिक गौरव का संदेश दिया गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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