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अमित शाह का कांग्रेस पर जोरदार हमला, बोले- कांग्रेस ने कई बार हमारे संविधान की भावना को कुचला

राजीव गांधी ने कहा था कि “अगर कोई प्रधानमंत्री इस बात को महसूस करता है कि इमरजेंसी लगाना जरूरी है, और इन परिस्थितियों को देखते हुए भी आपातकाल नहीं लागू करता है तो वो प्रधानमंत्री बनने के लायक नहीं है.

Amit Shah

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह.

देश में आपातकाल लगाए जाने की आज 50वीं बरसी है. जिसे बीजेपी काला दिवस के रूप में मना रही है. भाजपा के तमाम नेता कांग्रेस और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर हमला बोल रहे हैं. इसी कड़ी में गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि “एक खास परिवार को सत्ता में बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने कई बार हमारे संविधान की भावना को कुचला.”

एक्स पर शेयर की पोस्ट

अमित शाह इसी पोस्ट में आगे लिखते हैं कि आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने भारत के लोगों पर क्रूर अत्याचार किये. कांग्रेस पार्टी के युवराज (राहुल गांधी) भूल गए हैं कि उनकी दादी ने आपातकाल लगाया था और उनके पिता राजीव गांधी ने 23 जुलाई, 1985 को इस भयावह घटना पर बहुत गर्व करते हुए लोकसभा में कहा था कि “आपातकाल में कुछ भी गलत नहीं है.”

राजीव गांधी ने कहा था कि “अगर कोई प्रधानमंत्री इस बात को महसूस करता है कि इमरजेंसी लगाना जरूरी है, और इन परिस्थितियों को देखते हुए भी आपातकाल नहीं लागू करता है तो वो प्रधानमंत्री बनने के लायक नहीं है. तानाशाही पर गर्व करने का यह कृत्य दर्शाता है कि कांग्रेस को परिवार और सत्ता के अलावा और कुछ प्रिय नहीं है.”

“आघात करने का कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है”

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक अन्य पोस्ट में लिखा है कि “देश में लोकतंत्र की हत्या और उस पर बार-बार आघात करने का कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है. साल 1975 में आज के ही दिन कांग्रेस के द्वारा लगाया गया आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.”

यह भी पढ़ें- “लोकतांत्रिक सिद्धांतों की अवहेलना…देश को जेलखाना बना दिया”, इमरजेंसी की 50वीं बरसी पर पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला

उन्होंने आगे लिखा कि अहंकार में डूबी, निरंकुश कांग्रेस सरकार ने एक परिवार के सत्ता सुख के लिए 21 महीनों तक देश में सभी प्रकार के नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी थी, संविधान में बदलाव किए और न्यायालय तक के हाथ बाँध दिए थे. आपातकाल के खिलाफ संसद से सड़क तक आंदोलन करने वाले असंख्य सत्याग्रहियों, समाजसेवियों, श्रमिकों, किसानों, युवाओं व महिलाओं के संघर्ष को नमन करता हूं.

बता दें कि 25 जून 1975 को ही इंदिरा गांधी ने ‘आपातकाल’ की घोषणा की थी. भाजपा 25 जून को आपातकाल को काला दिवस के रूप में मना रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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