केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने बस्तर के विकास और नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है.
अमित शाह ने कहा है कि नक्सलवादियों ने वर्षों तक बस्तर के विकास पर रोक लगाई है. वे सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के काम में बाधा बनते रहे, जिससे यह क्षेत्र पिछड़ा रह गया, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और सरकार पूरी मजबूती से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है.
गृह मंत्री का बड़ा ऐलान
गृह मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले पांच वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा.
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर के हर घर तक बिजली पहुंचेगी, हर घर में पानी की सुविधा होगी और लोगों को बेहतर जीवन मिलेगा. इसके साथ ही बस्तर की समृद्ध और सुंदर आदिवासी संस्कृति को भी संरक्षित किया जाएगा, ताकि विकास के साथ बस्तर अपनी पहचान को और मजबूत कर सके.
यह बस्तर ओलंपिक का दूसरा आयोजन है. इस बार इन खेलों में 761 ऐसे खिलाड़ी शामिल हुए हैं, जो या तो नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं, या फिर आत्म सपर्णत करते हुए मुख्यधारा से जुड़े. इन तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है. इन खेलों के जरिए पुनर्वास और सामाजिक एकीकरण की इस पहल को बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
ये भी पढ़ें: निर्मला सीतारमण से ‘तीर्थयात्रा’ पर मिले तमिलनाडु BJP अध्यक्ष, क्या अमित शाह से मीटिंग तय करेगी गठबंधन का भविष्य?
शुक्रवार (12 दिसंबर) को बस्तर ओलंपिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता की शुरुआत हुई थी. ओलंपिक मेडलिस्ट एमसी मैरीकॉम इस मौके पर शामिल हुईं. महिला बॉक्सर के मुताबिक, सरकार की इस पहल से यहां के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी. यह प्लेटफॉर्म उनके प्रदर्शन को निखारेगा. आगे चलकर यही खिलाड़ी अपने राज्य और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



