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‘पहले पंगत, पाछे संगत’: गुरु अमर दास जी के प्रकाश पर्व पर अमित शाह ने नवाया शीश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिख धर्म के तीसरे गुरु, श्री गुरु अमर दास जी के प्रकाश पर्व पर देशवासियों को बधाई दी. उन्होंने गुरु साहिब के ‘लंगर’ परंपरा, समानता के संदेश और महिलाओं के अधिकारों के लिए किए गए क्रांतिकारी कार्यों को याद करते हुए उन्हें मानवता का प्रेरणास्रोत बताया.

Amit Shah greets nation on Prakash Purab of Guru Amar Das Ji Highlights equality & service

आज का दिन सिख धर्म के अनुयायियों और मानवता में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति के लिए बेहद खास है. 30 अप्रैल को सिख धर्म के तीसरे गुरु, श्री गुरु अमर दास जी का प्रकाश पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस पावन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गुरु साहिब के चरणों में नमन करते हुए देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं.

अहंकार त्याग और सेवा का मार्ग

गृह मंत्री ने गुरु अमर दास जी की शिक्षाओं पर जोर देते हुए कहा कि गुरु साहिब ने हमेशा स्नेह, समानता और विनम्रता को ही भक्ति का असली रास्ता बताया. उन्होंने दुनिया को सिखाया कि जब तक इंसान अपने भीतर के अहंकार को नहीं त्यागता, तब तक वह सच्चे मार्ग पर नहीं चल सकता.

शाह ने आगे कहा, ‘गुरु अमरदास जी ने मानव को अहंकार त्यागकर सेवा, समर्पण और नाम सिमरन का पथ अपनाने की प्रेरणा दी. उनका दिव्य जीवन आज भी समस्त मानव समाज के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है.’

महिलाओं को दिया समान अधिकार

गुरु अमर दास जी केवल एक धार्मिक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं थे, बल्कि वे एक महान समाज सुधारक भी थे. अमित शाह ने खास तौर पर उनके उन कार्यों का जिक्र किया जो उन्होंने महिलाओं के सम्मान के लिए किए. गुरु साहिब ने उस दौर में महिलाओं को समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए थे, जिसकी प्रासंगिकता आज के दौर में और भी बढ़ गई है.

‘पहले पंगत, पाछे संगत’

गुरु अमर दास जी के इतिहास को याद करते हुए गृह मंत्री ने उनकी लंगर परंपरा (अन्नपूर्णा) को और मजबूत करने के प्रयासों को सराहा. उन्होंने ही ‘पहले पंगत, पाछे संगत’ का सिद्धांत दिया था, जिसका अर्थ है कि गुरु से मिलने से पहले हर व्यक्ति को, चाहे वह राजा हो या रंक, एक ही पंक्ति में बैठकर लंगर छकना होगा. इस एक संदेश ने समाज में व्याप्त जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को जड़ से मिटाने का काम किया.

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-भारत एक्सप्रेस



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