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अमित शाह ने NDRF को बताया राष्ट्र का रक्षक, स्थापना दिवस पर जवानों को किया सलाम

NDRF के 21वें स्थापना दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को सलाम किया है. उन्होंने NDRF को ‘राष्ट्र के भरोसे का स्तंभ’ बताते हुए कहा कि आपदा-प्रतिरोधी भारत के निर्माण में इस बल का योगदान अतुलनीय है.

NDRF Raising Day 2026 Amit Shah Tweet

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) आज अपना 21वां स्थापना दिवस मना रहा है. इस खास मौके पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने बल के जवानों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए NDRF को आपदा के समय ‘राष्ट्र के भरोसे का स्तंभ’ बताया है.

राष्ट्र के भरोसे का स्तंभ: Amit Shah

अमित शाह ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “स्थापना दिवस पर @NDRFHQ के कर्मियों को हार्दिक बधाई.”

उन्होंने आगे लिखा कि मोदी सरकार के आपदा-प्रतिरोधी भारत निर्माण के संकल्प को साकार करने में एनडीआरएफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. आज यह आपदाओं के दौरान राष्ट्र के भरोसे का स्तंभ बन गया है. दूसरों की सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को नमन.

आपदा में सबसे बड़ी उम्मीद

जब भी देश के किसी हिस्से में बाढ़, भूकंप, चक्रवात या कोई और प्राकृतिक आपदा आती है, तो नारंगी वर्दी में सजे ये जांबाज सबसे पहले मदद के लिए पहुंचते हैं. अमित शाह ने अपने संदेश में साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो सपना ‘आपदा-प्रतिरोधी भारत’ (Disaster Resilient India) बनाने का है, उसे सच करने में NDRF की मेहनत और समर्पण का बहुत बड़ा हाथ है. उन्होंने उन शहीदों को भी याद किया जिन्होंने दूसरों की जान बचाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया.

क्यों और कब हुई थी शुरुआत?

NDRF का सफर बहुत पुराना नहीं है, लेकिन इसकी उपलब्धियां बहुत बड़ी हैं. इसकी नींव 19 जनवरी 2006 को रखी गई थी. दरअसल, 90 के दशक के अंत और 2000 की शुरुआत में भारत ने ओडिशा का महाचक्रवात (1999), गुजरात का भूकंप (2001) और हिंद महासागर की सुनामी (2004) जैसी भयंकर आपदाएं झेली थीं. तब सरकार को महसूस हुआ कि देश में एक ऐसी स्पेशल फोर्स होनी चाहिए जो सिर्फ आपदाओं से निपटने के लिए ही बनी हो.

इसी जरूरत को देखते हुए ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005’ के तहत 2006 में 8 बटालियन के साथ NDRF का गठन किया गया. आज इसके पास 16 से ज्यादा बटालियन हैं, जो पूरे भारत के अलग-अलग कोनों में तैनात हैं ताकि मुसीबत के वक्त कम से कम समय में मौके पर पहुंचा जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस



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