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‘गायत्री परिवार ने रूढ़ियां तोड़ीं, महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार’, भगवती देवी शर्मा के शताब्दी वर्ष समारोह में बोले अमित शाह

Amit Shah on Gayatri Parivar: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में भाग लिया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार ने महिलाओं को मंत्र जप का अधिकार देकर सनातन की कठोर परंपराओं को तोड़ा है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में ‘अखिल विश्व गायत्री परिवार’ के शताब्दी वर्ष समारोह 2026 में हिस्सा लिया. उन्होंने माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी(Birth centenary of Bhagwati Devi Sharma) और अखंड दीप शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन पारंपरिक दीप जलाकर किया. इस दौरान शाह ने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी के योगदानों को सराहा. उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार ने सनातन धर्म की कई कठोर प्रथाओं को तोड़ा है और महिलाओं को गायत्री मंत्र जप का अधिकार दिया है. साथ ही बता दें कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद थे.

महिलाओं को मंत्र जप का अधिकार देकर तोड़ी रूढ़ियां

केंद्रीय गृह मंत्री ने गायत्री परिवार की उपलब्धि पर जोर देते हुए कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को गायत्री मंत्र जप की अनुमति नहीं थी. इसका कोई ठोस कारण भी नहीं था. तब जाकर पंडित श्रीराम शर्मा ने इस कठोर परंपरा को तोड़कर महिलाओं को मंत्र का अधिकार दिया. उन्होंने गायत्री ऊर्जा को जागृत कर आध्यात्मिक जीवन को पुनर्जीवित किया. आज भी अखंड ज्योति सम्मेलन में आकर उन्हें अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति हो रही है.

पंडित श्रीराम शर्मा के योगदानों पर क्या बोले?

अमित शाह ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा (Pandit Shriram Sharma Acharya) ने लाखों लोगों को गायत्री मंत्र, गायत्री पूजा और गायत्री साधना से जोड़ा है. उन्होंने जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना हर आत्मा की भलाई का मार्ग प्रशस्त किया. आगे उन्होंने बताया कि आज 15 करोड़ से अधिक अनुयायी आध्यात्मिकता के रास्ते पर चल रहे हैं.

देवभूमि  में तपस्या को लेकर अपना अनुभव किया साझा

देवभूमि में प्राचीन तपस्या की ऊर्जा का आभास होता है. गायत्री मंत्र(Gayatri Mantra) ने आध्यात्मिक जीवन को नई जान दी, महिलाओं को जाप का अधिकार देकर कठोर परंपराओं को भंग किया. जाति-लिंग की सीमाएं तोड़ हर आत्मा के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया. हरिद्वार कुंभ और सप्तऋषि तपोभूमि है, जहां संतों ने असंख्य आत्माओं को जागृत किया. आचार्य जी ने व्यक्ति निर्माण से आस्था-आध्यात्म को पुनर्जीवित किया.

पतंजलि अस्पताल का भी किया उद्घाटन

कार्यक्रम के बाद अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की उपस्थिति में महर्षि दयानंद ग्राम, हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ परिसर में पतंजलि आपातकालीन और क्रिटिकल केयर अस्पताल का उद्घाटन किया. बता दें कि यह अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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