देवभूमि हिमाचल प्रदेश आज अपना पूर्ण राज्यत्व दिवस मना रहा है. इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और हिमाचल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा कर हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को याद किया.
आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव से समृद्ध
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘देवभूमि हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं.’
देवभूमि हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव से समृद्ध हिमाचल प्रदेश निरंतर विकास और समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो, ईश्वर से यह कामना करता हूँ।
— Amit Shah (@AmitShah) January 25, 2026
अमित शाह ने आगे लिखा कि प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव से समृद्ध हिमाचल प्रदेश निरंतर विकास और समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो, ईश्वर से यह कामना करता हूं.
क्यों खास है दिवस?
हिमाचल प्रदेश का पूर्ण राज्यत्व दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है. इसी दिन वर्ष 1971 में हिमाचल प्रदेश को देश का 18वां पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था. इससे पहले हिमाचल एक केंद्र शासित प्रदेश था. पूर्ण राज्य बनने के बाद प्रदेश ने प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए.
प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक पहचान
हिमाचल प्रदेश को यूं ही देवभूमि नहीं कहा जाता. बर्फ से ढके पहाड़, हरे-भरे जंगल, शांत नदियां और धार्मिक स्थल इस राज्य की पहचान हैं. शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुल्लू और किन्नौर जैसे इलाके न सिर्फ पर्यटन के लिहाज से मशहूर हैं, बल्कि यहां की संस्कृति और जीवनशैली भी लोगों को आकर्षित करती है. प्रदेश में कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं, जो आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं.
विकास की राह पर हिमाचल
पिछले कुछ दशकों में हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. पहाड़ी राज्य होने के बावजूद यहां की साक्षरता दर देश के बेहतर राज्यों में गिनी जाती है. सेब उत्पादन, बागवानी और पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं.
हिमाचल की लोकसंस्कृति, पारंपरिक पहनावा, लोकनृत्य और मेलों की अपनी अलग पहचान है. कुल्लू दशहरा जैसे आयोजन न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध हैं. यही सांस्कृतिक गौरव हिमाचल को खास बनाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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