Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Mann Ki Baat: बंगाल की साड़ी और ओडिशा का संगीत, मलेशिया में दिखा भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम

प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में भारतीय संस्कृति के संरक्षण की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां 500 से अधिक तमिल स्कूल हमारी भाषाई विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने ‘मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसायटी’ के प्रयासों और हाल ही में आयोजित ‘लाल पाड़ साड़ी’ आइकॉनिक वॉक का जिक्र किया.

PM Modi PM Modi on India Malaysia Relations

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की गूंज और प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना की. उन्होंने विशेष रूप से मलेशिया का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वहां भारतीय मूल के लोग अपनी भाषाओं और परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं. बंगाल की ‘लाल पाड़ साड़ी’ से लेकर तमिल स्कूलों तक, पीएम मोदी ने भारत और मलेशिया के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सेतु पर प्रकाश डाला.

भाई-बहनों का अहम योगदान: PM Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं. हर तरह की सांस्कृतिक जीवंतता को बनाए रखने में भारतवंशी भाई-बहनों का अहम योगदान है. वो जहां भी है वहां अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर और उसे आगे बढ़ा रहे हैं.

उन्होंने कहा, “आज मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं. इनमें तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है. इसके अलावा यहां तेलुगु और पंजाबी समेत अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है.”

मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसायटी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ‘मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसायटी’ की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में इस सोसायटी की बड़ी भूमिका है. अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ ही यह संस्था एक ‘हैरिटेज वॉक’ का भी आयोजन करती है. इसमें दोनों देशों को आपस में जोड़ने वाले सांस्कृतिक स्थलों को कवर किया जाता है.”

‘लाल पाड़ साड़ी’ आइकॉनिक वॉक

बंगाल की साड़ी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पिछले महीने मलेशिया में ‘लाल पाड़ साड़ी’ आइकॉनिक वॉक का आयोजन किया गया. इस साड़ी का बंगाल की हमारी संस्कृति से विशेष नाता रहा है. इस कार्यक्रम में सबसे अधिक संख्या में इस साड़ी को पहनने का रिकॉर्ड बना, जिसे ‘मलेशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया. इस मौके पर ओडिशा के डांस और बाउल संगीत ने लोगों का दिल जीता.”

ये भी पढ़ें: मन की बात: पीएम मोदी ने ‘भजन क्लबिंग’ को सराहा, कहा- भक्ति को नई शैली दे रही है युवा पीढ़ी

-भारत एक्सप्रेस

नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital