आज (25 मई 2026) देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘भारत मंडपम’ में भारतीय कृषि और सहकारिता के क्षेत्र का एक बेहद अहम और भव्य आयोजन होने जा रहा है. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ‘इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड’ (IFFCO) की 55वीं सालाना आम बैठक (AGM) को संबोधित करेंगे. सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाले इस महा-सम्मेलन में देश के ग्रामीण विकास, किसानों की आय और सहकारी संस्थाओं के भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी.
‘सहकार से समृद्धि’ और ‘विकसित भारत’ का संकल्प
इस 55वीं AGM का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘सहकार से समृद्धि’ (Cooperation to Prosperity) को जमीन पर उतारने पर आधारित होगा. देश के पहले सहकारिता मंत्री के तौर पर अमित शाह इस बात पर जोर देंगे कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के निर्माण में सहकारी समितियों की भूमिका सबसे निर्णायक होगी.
IFFCO की यह बैठक इसी संकल्प को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी. इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना और किसानों को नई कृषि तकनीकों व उन्नत उर्वरकों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना होगा.
देशभर से जुटेंगे 1500 दिग्गज प्रतिनिधि
भारत मंडपम के विशाल प्रांगण में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से लगभग 1500 सहकारी प्रतिनिधि, बड़े किसान नेता और कृषि क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे. यह मंच न केवल पिछले साल की IFFCO की उपलब्धियों (जैसे नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की सफलता) की समीक्षा करेगा, बल्कि सहकारिता मॉडल के विस्तार और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी एक साझा रणनीति तैयार करेगा.
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नई दिशा तय करेगा अधिवेशन
IFFCO न केवल भारत की, बल्कि पूरी दुनिया की सबसे बड़ी और सफल उर्वरक सहकारी संस्थाओं में से एक है. ऐसे में इसकी सालाना आम बैठक (AGM) देश के समूचे कृषि सेक्टर की नीतिगत दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जाएगी. केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और उनका स्पष्ट संबोधन देश के करोड़ों किसानों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों में एक नई ऊर्जा और दिशा भरने का काम करेगा.
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