केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज मुंबई के भारत डायमंड बोर्स, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 52वें इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि लैब-ग्रोन डायमंड (LGD) का युग आ चुका है और इसकी पूरी वैल्यू चेन – मशीन बनाने से लेकर हीरे तैयार करने, ज्वेलरी बनाने, ब्रांड खड़ा करने और दुनिया भर में शोरूम खोलने तक – भारतीय हाथों में रहनी चाहिए.
केंद्र और राज्य सरकारें बना रही नीतियां
शाह ने कहा कि जब वैश्विक आभूषण व्यापार आधुनिक हो रहा था, तब भारत औपनिवेशिक शासन में था. अब देश के पास इंफ्रास्ट्रक्चर, क्षमता, पूंजी और उद्यमी हैं. उन्होंने उद्योग से अपील की कि कीमतों पर ज्यादा ध्यान न दें.
Addressing the 52nd India Gems and Jewellery Awards Ceremony in Mumbai. https://t.co/io0W5QNlLI
— Amit Shah (@AmitShah) September 13, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि वॉल्यूम के हिसाब से लैब-ग्रोन डायमंड बाजार मौजूदा डायमंड बाजार से करीब 50 गुना बड़ा हो सकता है. केंद्र तथा गुजरात और महाराष्ट्र सरकारें नीतियां बना रही हैं. सरकार हर संभव मदद के लिए तैयार है.
2025 में कितना रहा आभूषण निर्यात?
अमित शाह ने बताया कि 2025 में रत्न एवं आभूषण निर्यात 2.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो कुल मर्चेंडाइज निर्यात का 6.3 प्रतिशत है. इस क्षेत्र से करीब 75 लाख लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है. दुनिया के करीब 90 प्रतिशत कट एंड पॉलिश्ड डायमंड भारत में प्रोसेस होते हैं और सूरत की बड़ी भूमिका है. उन्होंने मुंबई को वैश्विक हब बनाने और नवी मुंबई में उद्योग के लिए जगह व एफएसआई देने के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया.
समारोह का आयोजन जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने किया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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