Amit Shah On India-US Trade Deal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित ‘बेस्ट बैंक अवॉर्ड्स 2025’ कार्यक्रम में अर्थव्यवस्था से लेकर रोजगार और स्वदेशी अभियान तक कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया के कई विकसित देश मंदी से जूझ रहे हैं, भारत में विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. एफडीआई (FDI) में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी इसी का सबूत है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा बयान
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर पूछे गए सवाल पर शाह ने कहा कि बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. उन्होंने भरोसा जताया कि अगले एक हफ्ते में तस्वीर साफ हो जाएगी. अमित शाह ने कहा ‘भारत सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हमारी अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और युवाओं के लिए नए अवसर खुलें.’
‘स्वदेशी’ का असली मतलब
कार्यक्रम में जब उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी मुहिम को लेकर सवाल पूछा गया तो शाह ने स्पष्ट किया ‘जिस वस्तु को बनाने में भारत के मजदूर का पसीना बहा है, वही असली स्वदेशी है. जो सामान भारत में निर्मित होता है, वही हमारा स्वदेशी है. हमारा लक्ष्य भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है.’
उन्होंने जनता से अपील की कि आने वाले त्योहारों में खासकर दीपावली पर लोग शत-प्रतिशत स्वदेशी सामान खरीदें. उनके मुताबिक, यही कदम भारत की विकास यात्रा को मजबूती देगा और करोड़ों भारतीयों को रोजगार का सहारा बनेगा.
ये भी पढ़ें: अमित शाह का 10 दिन में दूसरा बिहार दौरा, 3 जिलों में बनाएंगे चुनावी रणनीति
इनकम टैक्स और जीएसटी सुधारों पर जोर
अमित शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने इनकम टैक्स और जीएसटी सुधारों के जरिए अब तक ढाई लाख करोड़ रुपये की बचत की है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें जीएसटी लागू नहीं कर पाईं क्योंकि राज्यों का विरोध झेलना पड़ा. ‘लेकिन मोदी सरकार ने राज्यों को 14 प्रतिशत की ग्रोथ की गारंटी दी और सहयोग का माहौल बनाया. यही वजह है कि जीएसटी सफलतापूर्वक लागू हो सका.’
रोजगार और निवेश पर सरकार का फोकस
शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य केवल जीडीपी ग्रोथ तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की 130 करोड़ की आबादी को रोजगार उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसके लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में उत्पादन के लिए आमंत्रित किया है.
तेल आयात पर साफ रुख
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को लेकर भी शाह ने सरकार की नीति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि भारत वहां से तेल खरीदता रहेगा, जहां से उसे सबसे अच्छी दर पर आपूर्ति मिलेगी. उन्होंने कहा ‘हमारी प्राथमिकता यह है कि देशवासियों को ऊर्जा किफायती दाम पर उपलब्ध कराई जाए’.
कार्यक्रम में मौजूद रहे दिग्गज
इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कई अन्य गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं. शाह के संबोधन को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और बैंकों से जुड़े विशेषज्ञों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.
भारत की अर्थव्यवस्था इस समय वैश्विक सुस्ती के बीच उम्मीद की किरण बनकर उभर रही है. सरकार का जोर जहां एफडीआई और मैन्युफैक्चरिंग पर है, वहीं स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और रोजगार सृजन को लेकर भी स्पष्ट रोडमैप सामने रखा जा रहा है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





