पूर्वोत्तर भारतीय राज्य त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में खास तैयारियां चल रही हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से 20 फरवरी 2026 को पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों के लिए संयुक्त अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. यह कार्यक्रम हपानिया के अंतरराष्ट्रीय इंडोर प्रदर्शनी केंद्र में होगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.
अमित शाह आज रात असम पहुंचेंगे और तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. वे बॉर्डर सिक्योरिटी का रिव्यू भी करेंगे. इसके बाद वे त्रिपुरा आएंगे और सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में कई गणमान्य लोग, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.
हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. विभिन्न क्षेत्रों में हिंदी के अच्छे कामों का आदान-प्रदान होगा. एक खास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसमें अलग-अलग संगठनों द्वारा राजभाषा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय काम दिखाए जाएंगे. यह प्रदर्शनी कार्यक्रम को और रोचक बनाएगी.
आयुर्वेद स्वास्थ्य शिविर और निःशुल्क जांच
सम्मेलन में आयुष मंत्रालय के तहत अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की खास भूमिका रहेगी. दिल्ली से प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम आएगी. वे सभी प्रतिभागियों और मेहमानों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सलाह देंगी. केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) और क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र, अगरतला भी दवा वितरण और जांच की व्यवस्था करेंगे.
प्रतिभागियों को “नित्यसेवी आयुर किट” भी बांटी जाएगी. यह किट आयुर्वेदिक जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए है. कार्यक्रम स्थल पर प्रकृति परीक्षण और नाड़ी परीक्षण शिविर भी लगेगा. इससे लोग अपनी शरीर की प्रकृति के बारे में जान सकेंगे.
पुस्तक विमोचन और विशेषज्ञों की मौजूदगी
इस मौके पर प्रो. (वैद्य) राजाराम महतो की लिखी किताब “प्रमेह योग संग्रह” का विमोचन अमित शाह करेंगे. यह किताब मधुमेह (डायबिटीज) के आयुर्वेदिक प्रबंधन पर आधारित है. इसमें पारंपरिक और व्यावहारिक तरीके बताए गए हैं.
AIIA के डीन प्रो. (डॉ.) महेश व्यास, एम.एस. योगेश बड़वे, डॉ. रमाकांत यादव जैसे वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहेंगे. वे स्वास्थ्य सेवाएं देंगे और हिंदी प्रदर्शनी तथा स्वास्थ्य पर चर्चा वाले वाद-विवाद में हिस्सा लेंगे.
फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़ा खास प्रयास
राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ से प्रेरित होकर यह आयोजन किया गया है. आयुष शिविर और योग सत्र से लोगों को भारत की पारंपरिक चिकित्सा, संस्कृति और इतिहास से जोड़ा जाएगा. इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा.
प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि राजभाषा सम्मेलन जैसे बड़े मंच पर आयुर्वेद की भागीदारी गर्व की बात है. संस्थान न सिर्फ इलाज करता है बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता भी फैलाता है. इस सम्मेलन से ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को मजबूती मिलेगी. यह सम्मेलन राजभाषा बढ़ाने और जन स्वास्थ्य जागरूकता का अच्छा मेल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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